चण्डीगढ़,14 अप्रैलः हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आज घोषणा की कि पशुधन रखने वाले अनुसूचित जाति लोग यदि अपने पशुओं को बीमा करवाते हैं तो उसके पूरे प्रीमियम की अदायगी राज्य सरकार करेगी। गौ-शालाओं में भी प्रबंधन द्वारा दूधारू गायों को बीमा करवाने की स्थिति में भी प्रीमियम की अदायगी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
श्री हुड्डा जिला मेवात के खंड तावडू के गांव बिस्सर अकबरपुर में नवनिर्मित कामधेनू गौधाम का उदघाटन करने उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस गौधाम का निर्माण लगभग 2.25 एकड भूमि पर किया गया है और शुरूआती तौर पर इसमें चालीस गायों को रखा गया है। मुख्यमंत्री ने गौशाला परिसर में पौधारोपण और गौशाला का अवलोकन करते हुए गाय को अपने हाथ से रोटी भी खिलाई।
मुख्यमंत्री ने जिला मेवात में एक ड्राईविंग स्कूल खोलने की घोषणा की। अपने संबोधन में स्थानीय विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव श्री धर्मवीर ने कहा था कि मेवात जिला में प्रशिक्षण की कमी के कारण वाहन दुर्घटनाओं की संख्या ज्यादा होती है जिसके कारण काफी लोगों की जान चली जाती है। श्री धर्मवीर की मांग पर मुख्यमंत्री ने गांव बिस्सर, सराय और कोटा को 30-30 लाख रूपए की राशि विकास कार्यां के लिए देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि नार्म पूरा करने की स्थिति में गांव बिस्सर के राजकीय विद्यालय को अपग्रेड किया जाएगा और गांव को जोडने के लिए आवश्यक सडकों को निर्माण मार्किटिंग बोर्ड से करवाया जाएगा। उन्होंने नवनिर्मित कामधेनू गौधाम को पांच लाख रुपए की राशि भी दी।
गाय की सेवा को पुनित कार्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी प्रतिदिन अपने कार्यालय में जाने से पहले गाय को रोटी देते है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृ ति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। इसके पीछे कारण यह है कि गाय जन्म से लेकर मृत्यु तक समाज व इंसान के अच्छे काम आती है। उदाहरण देते हुए श्री हुड्डा ने कहा कि गाय दूध, दही, घी तो देती ही है, उसके अलावा, गौमूत्र से बीमारियों का इलाज होता है और उसका गोबर भी खाद आदि के लिए काम आता है। उसके साथ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज उस व्यक्ति को अमीर माना जाता है जिसके पास धन दौलत ज्यादा हो, जबकि पहले जिस व्यक्ति के पास ज्यादा गाय होती थी, वही अमीर कहलाता था। उन्होंने कहा कि अनुसंधान से पता चला है कि गौपालन के लाभ ही लाभ है। मुख्यमंत्री ने खेद जताते हुए कहा कि इतने सारे फायदे होने के बावजूद भी आज लोगों की गौपालन में कम रूचि हो गई है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा प्रदेश में 90 लाख 50 हजार पशुधन है जिसमें गायों की लगभग 15 लाख से थोडी ज्यादा है। इसके साथ श्री हुड्डा ने हरियाणा नस्ल की गायों को बढावा देने की अपील की। उन्होंने कामधेनू गौधाम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पूर्व आईएएस अधिकारी एसपी गुप्ता से भी अपील की कि वे शहर में आवारा घूमने वाली गायों, विकलांग तथा अन्य तकलीफ में गायों को अपनी गौशाला में लाकर उनकी सेवा करें।
मुख्यमंत्री ने यह कहा कि आज हरियाणा में हर व्यक्ति के हिस्से 708 ग्राम दूध आता है जबकि राष्ट्रीय औसत 262 ग्राम की है। इसके साथ मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि राज्य सरकार ने हरियाणा में गौसेवा आयोग का गठन किया हुआ है और सरकार की नीति के अनुसार दो हजार गायों वाली गौशाला में डिस्पेंसरी तथा तीन हजार गायों वाली गौशाला में पशु अस्पताल खोलने का प्रावधान है। उन्होने कहा कि गौशाला में बिजली की कनैक्षन घरेलू श्रेणी में किया गया है जबकि पिछली सरकारों के कार्यकाल में कर्मिशियल था। उन्होनें स्मरण करते हुए कहा कि उनके दादा जी ने गांव खिडवाली में जो गौशाला खोली थी, आज उसमें गायों की संख्या आठ हजार हो गई है। उन्होंने ये भी बताया कि हरियाणा प्रदेश में गौशालाओं को राज्य सरकार सात करोड से भी ज्यादा की राशि का योगदान दे चुकी है।
इससे पूर्व, मुख्य संसदीय सचिव धर्मवीर ने मुख्यमंत्री के यहां पहुंचने पर क्षेत्र की तरफ से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा शायद देश में ऐसा पहला प्रदेश है जहां गौ सेवा आयोग का गठन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री गौसेवा में विश्वास रखते है इसलिए गौशालाआं को आर्थिक मदद भी देते है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में मेवात क्षेत्र में बहुत बडा बदलाव आया है और यहां सडकों में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कामधेनू गौधाम को चार लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह ने भी गौधाम के लिए दो लाख रुपए देने की घोषणा की। विधायक एवं गौधाम की सरंक्षक सावित्री जिंदल ने कहा कि स्व. ओपी जिंदल की गऊओं के प्रति काफी श्रद्धा थी जिसकी वजह से जिंदल परिवार आज यहां तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इस गौशाला का उदेश्य धन कमाना नहीं है बल्कि पीडित गायों को देखभाल और संहार के लिए ले जाई जाने वाली गायों की रक्षा करना है।
गौशाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एसपी गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के पिता स्व.रणबीर सिँह हुड्डा से गौशाला खोलने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि यहां पर न केवल बेसहारा व दुर्बल गायों की सेवा की जाएगी बल्कि अनुसंधान करने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में लेगों को गौपालन के लिए जागृत किया जाएगा। प्रबंधन समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती शशि गुप्ता ने आए हुए अतिथियों का आभार जताया।
इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव धर्मवीर व राव दान सिंह, विधायक सावित्री जिंदल व आफताब अहमद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।