चण्डीगढ़ 14 अप्रैल- हरियाणा में सिरसा जिला प्रशासन द्वारा 40 रिक्शा चालकों को निःशुल्क बैटरी चालित गरुड़ नामक ऑटो रिक्शा प्रदान किये जाने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने से उनकार जीवन बेहतर बन गया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जिला सिरसा में हरियाणा सरकार द्वारा पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष स्कीम के तहत रिक्शा चालकों को 90 हजार रुपए के लागत की प्रत्येक बैटरी चालित रिक्शा दी गई है। यह ऑटो चालक सुबह शैड में आते हैं और अपना वाहन लेकर चले जाते हैं तथा शाम को यहीं वापिस कर देते हैं। इससे पांव से रिक्शा चलाकर 150 से 200 रुपये कमाने के प्रति अब वे 500 से 700 रुपये प्रतिदिन अधिक कमाते हैं और उनके परिवार का जीवन सहज हो गया है।
रिक्शा चालक से केवल 10 हजार रुपए की राशि ऑटो रिक्शा की नान रिफंडएबल सिक्योरिटी के रूप में ली गई है। इस राशि को भी पंजाब नैशनल बैंक द्वारा फाइनैंस करवाया गया है। इस ऑटो की बैटरी चार्जिंग की व्यवस्था भी चार्जिंग पार्किंग शैड में की गई है। इसके लिए एक कर्मचारी तैनात किया गया है जो कि दिन में चलने वाले सभी गरुड़ ऑटो की बैटरी चार्जिंग का कार्य कर रहा है। प्रत्येक ऑटो चालक से बैटरी चार्जिंग के लिए प्रतिदिन मात्र 20 रुपए की राशि ली जा रही है। बैटरी चार्ज करने वाला कर्मचारी प्रशिक्षित है और जरूरत पड़ने पर ऑटो चालकों को स्पेयर पार्टस व रिपेयरिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवा रहा है।
प्रशासन द्वारा ऑटो की रिपेयरिंग के लिए पूरा बंदोबस्त किया गया है। शुरू में ऑटो रिक्शा का ट्रायल शहर में किया गया जिसमें पाया गया कि ऑटो की बैटरी एक बार चार्ज करने के बाद 90 किलोमीटर तक यह ऑटो दौड़ सकते हैं इसमें चार सवारियां बैठने की व्यवस्था है। बैटरी चालित ऑटो रिक्शा उपलब्ध करवाने से पैडल से आदमी द्वारा आदमी खिंचने की पुरानी परम्परा से निजात मिलेगी क्योंकि बैटरी चालित ऑटो रिक्शा के बेहद सार्थक परिणाम सामने आए हैं।