चंडीगढ़, 9 अप्रैल - भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कुरूक्षेत्र आगमन पर झांसा रोड स्थित श्री देवीकूप (भद्र्रकाली) मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की। विधि अनुसार राष्ट्रपति ने मंदिर में देवी सती की प्रतिमा के समक्ष विराजमान होकर पूजा की, लाल चुनरी चढ़ाई तथा प्रथा अनुसार घोडे़ के स्वरूप अर्पित किए। इस अवसर पर उनके साथ राज्यपाल हरियाणा जगन्नाथ पहाडि़या, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा तथा सांसद नवींन जिंदल भी थे।
प्राचीन देवीकूप मंदिर की भव्यता व व्यवस्था को देखकर राष्ट्रपति ने प्रसन्नता जाहिर की। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार बाद दोपहर ठीक 4 बजकर 20 मिनट पर उन्होंने मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता प्रबन्ध किए गए थे।
कुरूक्षेत्र में श्री देवीकूप (भद्रकाली) मंदिर आदि पीठ के रूप में विश्व विख्यात है। हिन्दू शास्त्रों में मान्यता है कि यह भारत के प्रसिद्ध शक्ति पीठों में 51वां शक्ति पीठ है तथा यहां आकर पूजा का विशेष महत्व है। इसी पावन शक्ति पीठ पर महाभारत युद्ध से पूर्व पांडवों ने विजय कामना के लिए महाकाली का पूजन किया। बताया जाता है कि श्री कृष्ण व बलराम का मुंडन संस्कार भी इसी शक्ति पीठ में हुआ था।
भद्रकाली मंदिर के पीठाध्यक्ष श्री सतपाल शर्मा ने पूजा विधि को सम्पन्न करवाया। उन्होंने राष्ट्रपति को एक चांदी का मुकट, शक्ति का प्रतीक त्रिशूल, पवित्र लाल चूनरी, शंख, प्रसाद व देवी माता का चित्र भेंट किया। सतपाल शर्मा के अनुसार आज कृष्ण चर्तुदर्शी के दिन भद्रकाली मंदिर में पूजा का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक एस.एन.वशिष्ट, राज्यपाल के सचिव महेन्द्र कुमार तथा उपायुक्त कुरूक्षेत्र मंदीप सिंह बराड भी उपस्थित थे।