चंडीगढ़, 7 अप्रैल - हरियाणा में 13 जिलों नामतः अम्बाला, गुड़गांव, फरीदाबाद, झज्जर, करनाल, कुरूक्षेत्र, मेवात, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत और यमुनानगर में उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के पहले दिन पांच वर्ष तक की आयु के लगभग 15.10 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस अभियान की शुरूआत आज हरियाणा की शिक्षामंत्री श्रीमती गीता भुक्कल ने झज्जर से की और हरियाणा भण्डारण निगम की चेयरमैन एवं विधायक,करनाल श्रीमती सुमिता सिंह ने इस अभियान की शुरूआत जिला करनाल में की।
अभियान पहले दिन बुथ पर न पहुंचने वाले बच्चों को घर-घर जाकर पोलियो की बुन्दे पिलाने के लिए यह अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रदेश में इस दौरान कुल 10,573 पल्स पोलियो प्रतिरक्षण बूथ स्थापित किए गये और इन बूथों पर 42,000 से अधिक कर्मचारी, स्वयं सेवक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकताओं को तैनात किया गया। पीजीआईएमएस रोहतक और डब्लयू एच ओ के स्वतंत्र परिवेक्षकों के अतिरिक्त लगभग 2100 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस अभियान का परिवीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस अभियान के दौरान लगभग 26 लाख बच्चों को कवर किया जाना है।
उन्होने ने बताया कि पहले दिन बूथ गतिविधियों के दौरान छुटे बच्चों को उनके घरों में जाकर 8 व 9 अप्रैल, 2013 को पोलियो की बुन्दे पिलाई जाएंगी। इस अभियान के दौरान मलिन बस्तियों, एकान्त डेरों (हटमेंटस), ईंट भट्टों, एक दूसरे स्थान पर आने-जाने वाले लोगों तथा निर्माण स्थलों जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया ताकि इन क्षेत्रों में कोई भी बच्चा न छूटे। लगभग एक हजार मोबाइल टीमें पल्स पोलियो अभियान में लगाई गई।
उन्होंने बताया कि जब कभी पोलियो की दवाई पीने से कुछ बच्चे छुट जाते हैं, तो पोलियो वायरस जीवित रह जाते हैं और फैल जाते हैं। इसलिए पल्स पोलियो प्रतिरक्षण के प्रत्येक सफल अभियान से पोलियो वायरस के फैलने को कम किया जाए।