चंडीगढ, 5 अप्रैल- कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र के संस्कृत एवं प्राच्य विद्या संस्थान की ओर से ऑडिटोरियम हॉल में होने वाले राष्ट्रीय सेमीनार का उदघाटन 9 अप्रैल को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी करेंगे। वे इस उदघाटन सत्र समारोह के मुख्य अतिथि होंगे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल जगन्नाथ पहाडि़या करेंगे। समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री भुपेन्द्र सिंह हुड्डा विशिष्ट अतिथि होंगे। इस मौके पर दरबंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो० बी.एस. कुमार मुख्य वक्ता होंगे।
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस अवसर पर संस्थान की ओर से तैयार किए गए महाभारत के पदानुक्रमकोष के तीन अंक का विमोचन हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाडि़या करेंगे व इसकी पहली प्रति देश के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भेंट की जाएगी। इसके अतिरिक्त दो अन्य पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में प्राच्य विद्या के परामर्श विषय पर होने वाले इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार में देश भर से 100 से अधिक संस्कृत एवं प्राच्य विद्या अध्ययन से जुडे़ विद्वान भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि उदघाटन सत्र के बाद चार तकनीकी सत्र होंगे जिनमें 10 से अधिक विषयों पर गंभीर विचार विमर्श होगा। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रो वेद कुमार घई, प्रो. इन्द्र मोहन सिंह, प्रो सुधीकांत भारद्वाज, प्रो नीरज, प्रो वी के अलंकार, प्रो सुरेन्द्र कुमार, प्रो जयदेव, प्रो गंगाधर पाण्डा, प्रो के चौकसी सहित बड़ी संख्या में विद्वान भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि सेमीनार की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस सेमिनार के भव्य तरीके से आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संस्कृत एवं प्राच्य विद्या संस्थान की ओर से होने वाले राष्ट्रीय सेमीनार में भाग लेने के लिए छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की एंट्री आई कार्ड से होगी। इसके लिए छात्र कल्याण विभाग की तरफ से जारी सूची में जिन विद्यार्थियों का नाम होगा वे ही इस सेमीनार में भाग ले सकेंगे। इसके लिए सभी विभागों से छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की सूची मांगी गई है।