हरियाणा रोडवेज की आठ यूनियनों ने सरकार की निजी परमिट नीति रद्द न किए जाने के विरोध में रविवार रात 12 बजे से रोडवेज का चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि उनकी सरकार निजीकरण के बावजूद रोडवेज कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगी। रोडवेज संयुक्त कार्रवाई समिति के सदस्य दलबीर किरमारा और रमेश सैनी ने बताया कि सरकार यदि चाहती है कि रोडवेज को नुकसान और जनता को परेशानी न हो तो वह कर्मचारी संगठनों से किए समझौतों पर तुरंत अमल करे।
साथ ही बस अड्डों में जबरदस्ती बसें लगाकर सवारियां उठाने का प्रयास कर रहे निजी बस संचालकों पर रोक लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने यदि इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया तो रविवार रात 12 बजे के बाद पूरे प्रदेश में रोडवेज बसों का चक्का जाम कर दिया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, राज्य को कम से कम और 10 हजार बसें चाहिए और रोडवेज के निजीकरण के अलावा और कोई विकल्प नहीं है क्योंकि सरकार इतनी बसें नहीं खरीद सकती।