चंडीगढ़ - एक फरवरी से शुरू हो रहे 30 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में देश के हस्तशिल्पों, हथकरघा और सांस्कृतिक धरोहर की समृद्धि के साथ-साथ विविधता को भी दर्शाया जाएगा। 15 फरवरी तक चलने वाले इस उत्सव में लाखों की संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि आगंतुकों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया करने के लिहाज से एजेंसियों के सहयोग से कुछ कदम उठाए जा रहे हैं।
मेले के टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा पहले ही शुरू की जा चुकी है। इसके तहत कारपोरेट सोशल रिस्पॉसिबिलिटी (सीएसआर) रिसर्च फाउंडेशन (नई दिल्ली) की ओर से सूरजकुंड मेला ग्राउंड में चार महिला शौचालय खंडों में सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जा रही हैं।
इन मशीनों का संचालन सीएसआरआरएफ की महिला वालेंटियर करेंगी। इनका रख-रखाव, वितरण और आपूर्ति भी फाउंडेशन की ओर से की जाएगी और मेले में पहुंचने वालों को निशुल्क वितरण किया जाएगा, लेकिन कंपनियों को ब्रांड प्रमोशन की अनुमति नहीं होगी। प्रधान सचिव ने बताया कि मेला परिवेश को साफ-सुथरा रखने के लिए सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में 'स्वच्छ भारत-स्वच्छ हरियाणा' अभियान को भी पूर्णत: ध्यान में रखा जाएगा।