चंडीगढ़ 2 अप्रैल: हरियाणा सरकार द्वारा संचालित हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी, पंचकूला की ओर से पंजाबी साहित्य और भाषा को बढ़ावा देने के लिए सिरसा के साहित्य सदन वाचनालय के हॉल में एक भव्य पंजाबी मिन्नी कहानी समारोह का आयोजन किया गया जिसमें एक दर्जन हरियाणा व पंजाब के मिन्नी कहानीकारों ने अपनी-अपनी कहानियों का पाठ किया, जिनमें रतिया से डा. नायब सिंह मंडेर, इकबाल सिंह, वीर सिंह थिंद, फतेहाबाद से गुरदीप सिंह इमरोज़, सिरसा से डा. जी.डी.चौधरी, प्रो.रूप देवगुण, डा. राजकुमार निजात, डा. शीला कौशिक, रानियां से सुभाष सलूजा, लखविंदर सिंह बाजवा, मानसा पंजाब से दर्शन जोगा व मंड। इसी समारोह में मिन्नी कहानी पर डा. नायब सिंह मंडेर ने अपना पेपर प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने मिन्नी कहानी की विधा और इसके विधान की बात करते हुए कहा कि आज के संदर्भ में लम्बी कहानी की बजाय मिन्नी कहानी को अधिक लेखकों ने प्राथमिकता दी है।
इस अवसर पर अकादमी निदेशक सुखचैन सिंह भंडारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि हरियाणा सरकार पंजाबी अकादमी के माध्यम से समस्त हरियाणा में पंजाबी भाषा, पंजाबी साहित्य और पंजाबी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रयत्नशील है। इसी बात के मद्देनज़र हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी हरियाणा में हर महीने लगभग तीन-चार साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इससे शहरों के साथ-साथ ग्रामीण अंचल के लोग भी जुड़ गए हैं।