पंचकूला - हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं व 12वीं कक्षा के प्रथम सेमेस्टर का परिणाम कई स्कूलों में शून्य प्रतिशत रहने के बाद आखिर विभाग की नींद टूटी है। शिक्षा स्तर में सुधार के लिये आज यहां निदेशालय में शिक्षाविदों से सुझाव लिये गये। बैठक में शिक्षक संगठनों से जुड़ी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आरंभ में करीब डेढ़ घंटे तक पीजीटी व टीजीटी का मुद्दा ही छाया रहा कि 9वीं व 10वीं को कौन पढ़ाये?
आज की बैठक सेकंडरी शिक्षा निदेशक एमएल कौशिक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें अतिरिक्त निदेशक एएस मान, आईटी सेक्शन के सुरेंद्र बांगड़ ने भी भाग लिया। इसमें श्री कौशिक ने घटिया परिणामों पर विभाग की चहुं ओर हो रही किरकिरी पर गंभीर चिंता व्यक्ति की। बैठक के शुरू में करीब डेढ़ घंटे तक पीजीटी और टीजीटी का मुद्दा ही छाया। सवाल था-स्कूलों में नौवीं कक्षा को पीजीटी पढ़ायें या टीजीटी? आफिसर्स एसोसिएशन के धर्मपाल ने कहा कि विभाग की ओर से इस बारे में स्पष्ट निर्देश होने चाहियें कि नौवीं व दसवीं को टीजीटी पढ़ायें या पीजीटी।
एक सुझाव यह आया कि सीनियर सेकंडरी स्कूलों में दोनों कक्षाओं को पीजीटी और हाई स्कूल में टीजीटी ही पढ़ायें। लंबे विचार-विमर्श के बाद बैठक में निर्णय लिया गया कि इसे स्कूल प्राचार्यों के विवेक पर छोड़ दिया जाये। प्राचार्य ही वर्कलोड अनुसार निर्णय करें कि किस कक्षा को किससे पढ़वाना है। कक्षा खाली नहीं रहनी चाहिये। पूर्व निदेशक एसएस कौशल ने कहा कि आज सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया है। निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के ज्ञान को अपडेट रखने के लिये बीच-बीच में उन्हें ट्रेनिंग दी जानी चाहिये।