जींद - खाप पंचायतों को लेकर विदेशी और राष्ट्रीय मीडिया में जो भी छवि कुछ एनजीओ बनाने का प्रयास कर रहे हों, लेकिन हकीकत यह है कि खाप पंचायतें समाज सुधार की दिशा में अहम कदम उठा रही हैं। ऐसा ही एक कदम प्रदेश की बूरा खाप ने उठाते हुए अपनी खाप में दहेज प्रथा और कन्या भू्रण हत्या को रोकने के लिए बड़ा फैसला किया। इस फैसले में बूरा खाप ने कहा कि 2 लड़कियों के बाद जो भी दंपति आगे संतान पैदा नहीं करेगा, उसे बूरा खाप सम्मानित करेगी।
इसके अलावा शादी में दहेज के रूप में केवल एक रूपए की राशि लेने वालों को भी खाप द्वारा सम्मानित किया जाएगा। जींद में सर्व बूरा खाप हरियाणा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक प्रधान राजबीर बूरा की अध्यक्षता में हुई। इसमें कहा गया कि कन्या भू्रण हत्या और दहेज प्रथा रोकने के लिए बूरा खाप अपनी तरफ से हर जरूरी कदम उठाएगी। इन दोनों सामाजिक बुराइयों पर बूरा खाप कड़ी चोट करेगी। इसके अलावा इस बैठक में एक बड़ा फैसला यह भी लिया गया कि किसी की मौत पर अब 13 दिन की बजाय केवल 7 दिन का शोक मनाया जाए।
मौत पर आटा, दाल और घी नहीं ले जाने का फैसला भी इस बैठक में लिया गया। जब किसी व्यक्ति की मौत होती है तो उसकी ससुराल पक्ष के लोग आटा, दाल और घी लेकर जाते हैं। इसे गलत करार देते हुए कहा कि इस पुरानी परंपरा को समाप्त किया जा रहा है। इसके अलावा बारात में 21 आदमियों को लेकर जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसे लेकर बूरा खाप के प्रधान राजबीर बूरा ने कहा कि बड़ी बारात समस्या की वजह बनती हैं। इससे वधू पक्ष पर बेकार का बोझ भी पड़ता है, इसलिए बूरा खाप ने फैसला लिया है कि वह छोटी बारात लेकर जाएगी।