चण्डीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि कुरुक्षेत्र में मनाए जा रहे गीता जयंती समारोह को अगले वर्ष से अन्तराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री इस्कॉन के तत्वावधान में लुधियाना के दुर्गा मंदिर में आयोजित भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने करनाल में गीता जयंती समारोह का शुभारम्भ भी किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता जीवन का सार है और निस्वार्थ भाव से जन सेवा करने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह संयोग की बात है कि हरियाणा का गठन 1966 में हुआ था और इस्कॉन की स्थापना भी संत प्रभुवाल ने 1966 में ही अमेरिका में की थी। दोनों ही अपने स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा गीता की धरा है और धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र कृष्ण लीला की धरती है। गीता जयंती पहली बार हरियाणा के सभी 21 जिलों में मनाई जा रही है और आज गीता जयंती के अवसर पर पूरा हरियाणा गीतामय है और इसी प्रकार पंजाब की यह महानगरी, लुधियाना भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर कृष्ण भजनों से गूंज रही है।
उन्होंने कहा कि राजनैतिक लोगों को भी कर्म के फल की अपेक्षा किए बिना गीता के निस्वार्थ भाव से कर्म करने के सिद्घांत पर चलते हुए कार्य करना चाहिए और गीता के संदेश से प्रेरणा लेनी चाहिए, यही देश हित में है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में संस्कारों का होना जरूरी है, केवल पढ़-लिखकर प्रमाणपत्र लेना ही पर्याप्त नहीं है। संस्कार बहुत जरूरी हैं। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने गीता के श्लोकों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि वे तीन वर्षो तक पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के प्रभारी रहे हैं और वे संघ के प्रचारक के रूप में पंजाब में तो पहले भी आते रहे हैं, पर मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार लुधियाना आए हैं।