शिमला 24 मार्चः मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में 3836 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो कुल बजट का 17.6 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री आज पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश छात्र संघ द्वारा आयोजित 9वें वार्षिक समारोह, एक शाम हिमाचल के नाम के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं के कौशल विकास के लिए बेरोजगारी भत्ता देने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया गया है। रोजगार प्राप्त करने में कौशल विकास महत्वपूर्ण है, जिसके लिए सरकार राज्य में कौशल विकास परिषद भी स्थापित करेगी। सरकार ने आईआईटी, एम्स तथा आईआईएमएस में प्रवेश पाने वाले हिमाचल प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों के लिए नकद प्रोत्साहन राशि की भी घोषणा की है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार युवा शक्ति की क्षमताओं को समझती है। युवाओं के लिए सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजग़ार के व्यापक अवसर सृजित करने एवं शिक्षा व व्यावसायिक प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में शिक्षा नेटवर्क को और सृदृढ़ बनाने के लिए कई अन्य पग उठाए गए हैं। शिक्षा संस्थाओं में पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को रोजग़ार एवं स्वरोजग़ार के पर्याप्त अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में गुणात्मक शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है, जिसके लिए उचित पाठ्यक्रम, प्रशिक्षित शिक्षक एवं अधोसंरचना विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है। प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि हिमाचल प्रदेश में साक्षरता दर 83 प्रतिशत से अधिक हो गई है तथा स्कूलों में दाखिले का स्तर भी देश भर में सर्वाधिक है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय का हिमाचल प्रदेश छात्र संघ प्रदेश की समृद्घ सांस्कृतिक धरोहर को राज्य से बाहर बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। बड़ी संख्या में हिमाचल के विद्यार्थी विभिन्न राज्यों के शिक्षण संस्थानों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और उन्होंने अपने संगठन भी बनाए हैं। इन संगठनों के माध्यम से वे प्रदेश के विद्यार्थियों की समस्याओं को सुलझाने तथा कला एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध करवा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश छात्र संघ द्वारा सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रशंसा की। इस तरह की गतिविधियों से युवा पीढ़ी को अपनी सामाजिक जि़म्मेवारियों को समझने में सहायता मिलती है, जिससे वे राष्ट्र के समर्पित नागरिक के तौर पर अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृति कार्यक्रम की सराहना की और हिमाचल प्रदेश छात्र संघ को 2 लाख रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस मौक पर हिमाचल प्रदेश छात्र संघ की स्मारिका, 'हिम-आंचल का विमोचन भी किया। उन्होंने प्रो. अश्वनी अग्रवाल द्वारा लिखी पुस्तक 'दि लिगेसी ऑफ इंडियन आर्ट, कांटिन्यूटी एण्ड चेंज तथा डॉ. दीपक रावत द्वारा लिखी पुस्तक 'गॉडेस वर्शिप इन दि वैस्टर्न हिमालयाज़-टैंपल, ट्रैडिशन, आर्ट एण्ड रिचवल का विमोचन भी किया।