शिमला 23 मार्चः मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि बिलासपुर मुख्यालय में नया मिनी सचिवालय बनाया जाएगा, जिससे प्रशासन व आम लोगों को सुविधा होगी। मुख्यमंत्री आज बिलासपुर के लुहणू मैदान में राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के समापन अवसर पर बोल रहे थे।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग-21 व 88 पर अलीखड्ड पर 5$81 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित घागस पुल का लोकार्पण किया। उन्होंने चंगर सैक्टर में जिला अटॉर्नी भवन का भी उद्घाटन किया, जिस पर एक करोड़ 68 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।
श्री वीरभद्र सिहं ने अपने संबोधन में कहा कि बिलासपुर शहर के लिए 21 करोड़ 55 लाख रुपये की मल निकासी योजना स्वीकृत की गई है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा, 64$66 करोड़ रुपये की कोलडैम उठाऊ पेयजल योजना का कार्य भी प्रगति पर है, जो सदर, घुमारवीं तथा नैनादेवी चुनाव क्षेत्रों की विभिन्न पेयजल योजनाओं को जोड़ेगी। इसका लगभग 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इस वर्ष के अंत तक यह परियोजना पूरी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बागछाल पुल का निर्माण कार्य जनवरी, 2006 में आरंभ हुआ था, जिसे गेमन इंडिया फर्म को सौंपा गया था तथा इस पर 18 करोड़ 49 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। संपर्क सडक़ बनाने के लिए 4 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन भू-तकनीकी कारणों के चलते इस पुल के कार्य को रोक दिया गया है। इस संदर्भ में गेमन इंडिया फर्म से बातचीत की जाएगी ताकि यह कार्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि बेरी-दड़ोलां पुल को वर्ष 2006-07 में विधायक प्राथमिकता में डाला गया था जिसके लिए 33 करोड़ 66 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। वर्तमान में इस पुल के लिए 165 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट स्वीकृति के लिए विचाराधीन है।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जिन लोगों की जमीन गोबिंद सागर झील में चली गई थी, उनमें से छूट गए विस्थापितों के लिए पहले चरण में एचआरटीसी वर्कशाप के नजदीक चयनित दो सैक्टरों में प्लॉट आबंटित करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।