चंडीगढ़, 23 मार्च - हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव नवराज संधू ने कहा कि राज्य सरकार का सभी जिला अस्पतालों में लैप्रोस्कोपीक सर्जरी प्रदान करने का लक्ष्य हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों को गुणात्मक स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्घ हैं।
वे आज सामान्य अस्पताल पंचकूला में लैप्रोस्कोपिक सम्मेलन में बोल रही थी।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण एवं कार्यशाला जानी-मानी राष्ट्रीय फैकल्टी द्वारा आयोजित की गई। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक डा. नरेन्द्र अरोडा की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि मिनीमल ईवेसिव सर्जरी की इस आधुनिक तकनीक के बारे में डाक्टरों को शिक्षित और प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से ट्राईसिटी और इसके साथ लगते हरियाणा के जिलों के लोगों को काफी लाभ मिलेगा, इससे पहले लैप्रोस्कोपिक मैडीकल कालेजों और प्राईवेट कारपोरेट अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध थी।
इस अवसर पर हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक डा. नरेन्द्र अरोडा ने कहा कि अगले वित्त वर्ष के दौरान निदेशालय ने क्रेडिट प्वाइँट के साथ 12 विभिन्न विशेषताओं में सतत चिकित्सा शिक्षा शुरू करने की योजना है ताकि ज्यादा से ज्यादा डाक्टरों को आधुनिक तकनीक के बारे में अपग्रेड किया जा सके।
इस प्रकार का सम्मेलन पंचकूला के सामान्य अस्पताल में पहली बार आयोजित किया गया जिसमें उच्च तकनीक आपरेशन (मिनीमल ईवेसिव सर्जरी)की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव नवराज संधू ने ओटी परिसर और लैपकोन का उदघाटन किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक डा. नरेन्द्र अरोडा के प्रयासों के साथ-साथ प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. उषा गुप्ता और अस्पताल टीम की रिकार्ड समय में आपरेशन थियेटर के संचालन और लैपकोन आयोजित करने के लिए प्रशंसा की। नया आपरेशन थियेटर परिसर पूर्णतः वातानुकूलित हैं और लैप्रोस्कोपिक और मिनीमल ईवेसिव सर्जरी के लिए अलग से आपरेशन थियेटर का प्रावधान भी है। सभी आपरेशन थियेटर में हाइड्रोलिक आपरेशन थियेटर टेबल, मल्टी पारा मोनिटर और एलईडी लाईट, सी-आर्म, अनिस्थिईया वर्क स्टेशन, डिफाईब्रीलेटर और आपरेशन थियेटर टेबल में सी-आर्म की सुविधा भी है।
इस सम्मेलन में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के ट्रांसमिशन की लाईव (मिनीमल ईवेसिव सर्जरी) भी दिखाई गई। यह सर्जरीज प्रसिद्घ फकल्टी सदस्य जैसे कि दिल्ली एम्स के सहायक प्रोफेसर डा. वी.के. बंसल, आगरा के डा. एस.डी. मोर्या, पीजीआई चंडीगढ के डा. राजेन्द्र सिंह, पटियाला से डा. डी.पी. सिंह, लखनऊ के डा. योगेश मिश्रा और लूधियाना के डा. गुरदीप सिंधू ने की। पूरे प्रदेश से आए हुए सभी स्त्री रोग विशेषज्ञों और सर्जन ने इस सत्र में भाग लिया और लैक्चर थियेटर में लाईव सर्जरियों को भी ध्यान से देखा।