चंडीगढ़ - हरियाणा विधानसभा के दो दिवसीय विशेष शीतकालीन सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही विपक्ष द्वारा जबरदस्त हंगामे के बीच दो बार स्थगित करनी पडी। इनेलो व कांग्रेस के सदस्यों ने जब सदन की कार्यवाही नही चलने दी तो स्पीकर ने चेतावनी के बाद पहले कांग्रेसी सदस्यों को और उसके थोडी देर बाद इनेलो के सदस्यों को नेम कर दिया।
हालांकि बाद मे सदन के नेता एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के अनुरोध पर स्पीकर ने नेम किए गए इनेलो व कांग्रेस के सदस्यों को बहाल कर दिया लेकिन वे पुन: सदन में नही पहुंचे। स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने विपक्ष के पास सदन की कार्यवाही में भाग लेने का बुलावा भी भेजा लेकिन समस्त विपक्ष ने कार्यवाही में भाग लेने से इंकार कर दिया। शून्य काल शुरू होते ही कांग्रेस ने धान खरीद घोटाले को लेकर फिर सरकार को घेरना चाहा और सरकार पर यह आरोप लगाते हुए मुद्दे पर पुन: चर्चा करवाने को कहा कि बीते कल सरकार ने सदन को गुमराह करने का काम किया।
जब स्पीकर ने उक्त मुद्दे पर चर्चा करवाने से इंकार कर दिया तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा व करण सिंह दलाल को छोड कांग्रेस के सभी सदस्य स्पीकर के आसन के समक्ष पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे । जवाब में सत्तारूढ़ भाजपा विधायकों ने भी कांगे्रस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भारी शोरगुल के बीच स्पीकर ने 11:05 बजे सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही के स्थगित होने के बाद भी कांग्रेस व भाजपा के सदस्यों की नारेबाजी चलती रही।
बाद में सदन में ही इनेलो व कांग्रेस ने अलग-अलग से सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की। बाद में जब सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो कांग्रेस के सदस्य फिर वेल में आ गए और फिर से नारेबाजी शुरू की तो डिप्टी स्पीकर संतोष यादव ने सदन की कार्यवाही फिर 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी। एक बार फिर जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कांगे्रस फिर वेल में आ गई और नारेबाजी शुरू कर दी।