चंडीगढ़ - अपनी अलग कार्यशैली को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज तथा फतेहाबाद की निवर्तमान एस.पी. संगीता कालिया के बीच छिड़े विवाद को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भी गंभीर हो गया है। आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब कर ली है। अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की घेराबंदी करते हुए कहा कि विज ने एक दलित अधिकारी को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया है।
यह पूरी तरह से प्रताडऩा के दायरे में आता है। अनिल विज के खिलाफ एस.सी. एक्ट की धारा 338 के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने का दावा करते हुए ईश्वर सिंह ने कहा कि उन्होंने आज इस पूरे प्रकरण पर हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांग ली है। एस.सी. आयोग अपने स्तर पर भी इस मामले की जांच कर रहा है। अगर अनिल विज दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ न केवल कार्रवाई की जाएगी बल्कि मामला भी दर्ज करवाया जाएगा।
दूसरी तरफ हरियाणा के संसदीय कार्यमंत्री रामबिलास शर्मा ने अनिल विज का बचाव करते हुए कहा कि इस मामले को जातीय रंगत देना ठीक नहीं है। किसी भी जिला का नेतृत्व करने वाले अधिकारी की कोई जाति नहीं होती। अधिकारी का पहला कर्तव्य जनता की सेवा करना होता है।