गुडग़ांव - सोमवार को जम्मू में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में मारी गई चीफ पायलट सुमिता विजयन का बुधवार को गुडग़ांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हर कोई गमगीन था। बहादुरी की मिसाल सुमिता के बारे में हर कोई तारीफों के पुल बांध रहा था। सुमिता विजयन का परिवार यहां सोहना रोड स्थित वायु सेना स्थल परिसर में लंबे समय से रहता है।
सुमिता की इन दिनों ड्यूटी जम्मू स्थित वैष्णो देवी मंदिर तक हेलिकॉप्टर ले जाने की थी। दो दिन पूर्व यानी सोमवार को उनका हेलिकॉप्टर एक गिद से टकराने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिसमें एक नवविवाहित दंपत्ति, खुद सुमिता विजयन सहित छह लोग मारे गए थे। सुमिता विजयन का शव जैसे ही यहां वायु सेना स्थल पहुंचा, इंतजार में खड़े हर किसी की आंखें नम हो गई। बहादुर सैन्य अधिकारी के रूप में सभी ने सुमिता को याद किया।
वायु सेना के अधिकारियों ने सुमिता विजयन को सलामी दी। सुमिता विजयन भारत की पहली महिला पायलट था। वह गत कई वर्षों से पायलट के पद पर वायु सेना में अपनी सेवाएं दे रही थी। सुमिता के भाई सुनील ने बताया कि उनकी बहन बहुत बहादुर थी। उनकी कमी परिवार में सदा बनी रहेगी।