रोहतक - प्रदेश के सभी जिलो में 40 से भी अधिक गौ अभ्यारण केन्द्र बनाए जाएंगे। प्रत्येक जिला में दो-दो अभ्यारण केन्द्र होंगे। सबसे पहला केन्द्र हिसार में नगर निगम की जमीन पर बनाया जाएगा। हरियाणा के कृषि, विकास एवं पंचायत, सिंचाई, पशुधन-डेयरी और मछली पालन मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने वीरवार को रोहतक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी।
स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए धनखड़ ने कहा कि हरियाणा की धरती पर गऊएं सुरक्षित है। सरकार ने बेसहारा गऊओं के लिए पूरे प्रदेश में गौ अभ्यारण केन्द्र बनाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत हरियाणा के सभी जिलो मेंं दो-दो अभ्यारण केन्द्र बनेंगे और पहला केन्द्र हिसार में नगर निगम की भूमि पर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 400 के लगभग गौशालाएं हैं और लगभग तीन लाख गाय इन गौशालाओं व घरों में है। लगभग एक लाख 17 हजार गाय सडक़ों पर है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेसहारा गऊओं को घर देने और गऊओं की स्थिति सुधारने के लिए गऊ अभ्यारण केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार देशी गाय के ए-2 दूध की प्रोसेसिंग का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान गाय की देशी नस्लों पर कुछ भी काम नहीं हुआ। हमारी सरकार देशी गायों के दूध की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए इजराईल की तकनीक अपना रही है। धनखड़ ने कहा कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की स्वीकृति के बाद हरियाणा में भी गौ संरक्षण-गौ संवधर्न कानून लागू हो गया है।