चंडीगढ़ - हरियाणा में बोर्ड व निगमों के चेयरमैन व सदस्य लगकर लाल बत्ती हासिल करने का सपना देख रहे भाजपा नेताओं की जल्द लाटरी लग सकती है। दीवाली के बाद इन नेताओं को नई नियुक्तियां मिल सकती हैं। हरियाणा सरकार ने सत्ता में आने के बाद पूर्व सरकार द्वारा गठित किए गए सभी बोर्ड व निगमों को पिछले वर्ष ही भंग कर दिया था। राज्य में हुड्डा सरकार के कार्यकाल में कई तरह के बोर्ड व निगमों का नए सिरे से भी सृजन किया गया था।
पूर्व सरकार के समय में अस्तित्व में आए कई बोर्ड व निगम ऐसे रहे हैं जिनकी धरातल पर कभी भी कोई कार्यशैली सामने नहीं आई है, अलबत्ता उक्त बोर्डों के अध्यक्षों के नाम पर हर माह लाखों रुपए का सरकारी राजस्व खर्च होता रहा है। मौजूदा सरकार ने सत्ता में आने के बाद सभी बोर्ड-निगमों को भंग करते समय इस बात का संकेत दिया था कि भविष्य में नए बोर्डों का गठन करते समय उन पुराने बोर्डों को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है, जिनका आम जनता के साथ कोई सीधा सरोकार नहीं है।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को बीते अप्रैल माह के दौरान ही भाजपा हाईकमान से 15 चेयरमैनों की नियुक्ति की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके बावजूद उन्होंने किसी नियुक्ति पर अपनी मोहर नहीं लगाई है। बीते मई माह के दौरान भी हरियाणा में बोर्ड व निगमों के चेयरमैन लगाए जाने की बात चली थी लेकिन उस समय मंत्रीमंडल विस्तार के कारण इस सूची को रोक दिया गया। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने जुलाई माह के दौरान भी यह सूची जारी करने की योजना बनाई लेकिन पंचायत मामला अधर में लटक गई।