शिमला - ऐतिहासिक रथ को खींचे जाने के साथ ही आज विश्व प्रसिद्ध कुल्लू दशहरा आरंभ हो गया। हजारों की संख्या में मौजूद स्वदेशी और विदेशी सैलानियों के बीच सैकड़ों देवी-देवताओं के साथ लोगों ने रथ को ढालपुर मैदान के बीच तक पहुंचाया। इस अवसर पर हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद थे।
रथ को खींचे जाने की सैकड़ों वर्ष पुरानी इस परंपरा के दौरान आसमान ढोल नगाड़ों की आवाज से गूंज उठा। देवी-देवताओं के मिलन के रूप में मनाया जाने वाला कुल्लू दशहरा एक सप्ताह तक चलेगा। इस दौरान जहां कई तरह के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे वहीं मेले में करोड़ों रुपए की खरीददारी भी होगी। स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जनजातीय क्षेत्रों के लोग दशहरा मेले के दौरान सर्दियों के अपने जरूरतों के सामान को खरीदते हैं। कुल्लू दशहरे का अपना एक ऐतिहासिक महत्व भी है। दशहरे में रथ पर सवार राजघराने के लोग शोभायात्रा पर निकलते हैं।
रथ पर भगवान रघुनाथ की वो ऐतिहासिक मूर्तियां भी विद्यमान रहती हैं जिन्हें करीब चार सौ साल पहले अयोध्या से कुल्लू लाया गया था। उत्सव के समापन समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा की जाएगी। दशहरा उत्सव के दौरान इस दफा रूस के अलावा किर्गिस्तान, पुर्तगाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया, पाली, ताईवान और नेपाल आदि देशों के कलाकार अपने देश के कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इनके अलावा पश्चिमी बंगाल, गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, असम, राजस्थान, गोवा, महाराष्ट्र, उड़ीसा, झारखंड, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश के लोकनर्तक दल भी अपने कार्यक्रम पेश करेंगे। मशहूर फिल्म गायक कुमार सानू भी दशहरा उत्सव के दौरान अपने जलवे बिखेरेंगे।