फरीदाबाद - फरीदाबाद में दो दलित बच्चों को जिंदा जलाने के मामले में हरियाण सरकार ने सीबीआई जांच कराने का फैसला किया है। राज्य सरकार पीडि़त परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर भी राजी हो गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को इस मामले में विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सोनपेड़ गांव का बुधवार का प्रस्तावित दौरा भी रद्द करना पड़ा।
इस खौफनाक हमले के बाद दलितों में बहुत गुस्सा है और वे लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले गुस्साए स्थानीय लोगों ने दिल्ली-आगरा हाई-वे बंद कर दिया था। उधर, पुलिस ने बुधवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुहम्मद अकील ने बताया कि पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि गांव में तैनात पांच पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया।
उनके अलावा वहां तैनात पीसीआर में मौजूद अधिकारी और संबंधित थाने के प्रभारी को भी निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर पता चला है कि मामला पुरानी रंजिश का है और बदले की कार्रवाई के तहत जितेंद्र के मकान को आग के हवाले किया गया। संदेह जताया जा रहा है कि जमीन के एक टुकड़े को लेकर जितेंद्र और सवर्णों के बीच चल रही लड़ाई घटना का कारण हो सकती है। घटना के बाद से गांव में व्याप्त तनाव के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।
फरीदाबाद में दबंगों के हमले में अपने दो बच्चों को खोने वाले एक दलित परिवार से मिलने आए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा और राष्ट्र्रीय स्वयंसेवक संघ पर गरीबों को दबाने की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि इसी के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं।