कुल्लू - ढालपुर मैदान में 100 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया जाएगा, जो कि प्रदेश में सबसे ऊंचा तिरंगा होगा। देव सदन के निकट इस तिरंगे को स्थापित करने का कार्य इन दिनों जोरों पर हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दशहरा उत्सव के दौरान पहली बार यह ध्वज फहराएंगे। उपायुक्त राकेश कंवर ने बताया कि प्रदेश में यह इस प्रकार का पहला ध्वज होगा। दशहरा उत्सव के दौरान इसके उद्घाटन के साथ ही कुल्लू शहर देश के उन 63 चुनिंदा स्थलों की फेहरिस्त में शुमार हो जाएगा, जहां इस तरह के ध्वज स्थापित किए गए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि 14 लाख रुपए की लागत से स्थापित किए जाने वाले इस ध्वज के लिए एनएचपीसी पार्वती परियोजना-द्वितीय चरण ने छह लाख का योगदान दिया है, जबकि शेष राशि जिला सांस्कृतिक परिषद द्वारा खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत के वीर सैनिकों को समर्पित यह तिरंगा मुंबई में डेनेयर पॉलीस्टर से तैयार किया गया है। 30 गुना 20 फुट आकार के इस तिरंगे का वजन नौ किलोग्राम होगा। गृह मंत्रालय द्वारा 23 दिसंबर, 2009 को लिए गए निर्णय के अनुसार 100 फुट या इससे अधिक की ऊंचाई पर तिरंगा जगमगाहट के साथ रात के समय भी लहराया जा सकता है।
उपायुक्त ने बताया कि देव सदन व इसके आस-पास के क्षेत्र को एक बहुउदेश्यीय सांस्कृतिक परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय ध्वज भी इसी का एक हिस्सा होगा। तिरंगे के कारण देश-विदेश के पर्यटक इस सांस्कृतिक परिसर की ओर आकर्षित होंगे और यहां आने वाला हर भारतवासी अपने आपको गौरवान्वित महसूस करेगा। यह तिरंगा हर कुल्लूवासी के लिए गर्व का विषय होगा। उपायुक्त ने इसकी स्थापना के लिए आर्थिक योगदान देने के लिए एनएचपीसी के महाप्रबंधक एके सिंह का आभार व्यक्त किया है।