शिमला - कुल्लू दशहरे में भाग लेने के लिए आने वाले देवी-देवताओं की स्थापना के लिए पहली बार लकड़ी के बने प्लेटफार्म इस्तेमाल किए जाएंगे। दशहरा के समापन के बाद दशहरा ग्राउंड से ये प्लेटफार्म हटा दिए जाएंगे। इससे पहले दशहरे के लिए आने वाले देवी-देवता ढालपुर ग्राउंड में बने सीमेंट के स्थायी प्लेटफर्मों पर विराजते थे। ये प्लेटफार्म सारा साल दशहरा ग्राउंड में ही रहते थे, जिस कारण एक तो ये ग्राउंड में होने वाली गतिविधियों में बाधा बनते थे, दूसरे इनकी शुद्धता भी कायम नहीं रह पाती थी।
कुल्लू दशहरा उत्सव में भाग लेने के लिए पूरी घाटी से सवा दो सौ से ज्यादा देवी-देवता आते हैं। कुल्लू दशहरा की इस दफा एक खास बात यह भी रहेगी कि इस बार भी यह उत्सव बिना किसी पशु बलि के शुरू होगा। हिमाचल हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों के तहत पिछले साल राज्य में पशु बलि पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि हाईकोर्ट के इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है लेकिन अभी तक इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं आया है।