शिमला - मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान उदारीकरण के इस दौर में केन्द्र एवं राज्य स्तर पर विभिन्न सुधारों के परिणामस्वरूप विश्व एक वैश्विक गांव के रूप में परिवर्तित हुआ है। आर्थिक परिपेक्ष्य में आये बदलाव के कारण देश में उद्योगों एवं उद्यमिता में भी भारी बदलाव आया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दिल्ली में आयोजित ‘इमर्जिंग हिमाचल इनवेस्टर मीट’ को सम्बोधित कर रहे थे, जिसमें नई दिल्ली एनसीआर और देश भर से आये 400 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश सरकार तथा सीआईआई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘इमर्जिंग हिमाचल इनवेस्टर मीट’ का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को पसंददीदा निवेशक स्थल के रूप में बढ़ावा देना है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान कीमतों के आधार पर प्रति व्यक्ति आय 104943 रुपये है, जो अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक है। इसी प्रकार प्रदेश की साक्षरता दर 82.82 प्रतिशत है, जो इस क्षेत्र में सर्वाधिक है। राज्य के यह मानक प्रदेश के आर्थिक विकास को दर्शाते हैं। प्रदेश सरकार इस बात से आश्वस्त है कि हिमाचल निवेश के लिए देश भर में सबसे बेहतर स्थल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए संबंधित विभागों द्वारा अनेक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं ताकि निवेशकों को व्यवसाय में कोई कठिनाई न आये। निवेशकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध करवाई गई हैं और कार्य को निर्धारित समय के भीतर पूरा करना सुनिश्चित बनाया गया है और निवेशकों की इच्छाओं के अनुरूप बिना किसी परेशानी से समयबद्ध स्वीकृतियां प्रदान की जा रही हैं। उद्योग और श्रम एवं रोजगार मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस अवसर पर निवेशक मीट में भाग लेने वाले औद्योगिक घरानों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि राज्य में विद्युत नियामकी पहले ही घोषणा की जा चुकी है तथा एक निर्धारित दर पर 2018 तक विद्युत दरें निर्धारित की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में विद्युत दरें उत्तर भारत के अन्य पड़ोसी राज्यों की अपेक्षा 20 से 30 प्रतिशत कम है, जो राज्य में उद्योगों को प्रोत्साहन देने में कारगर सिद्ध होंगी।