चंडीगढ़ - हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति व वन राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज ने कहा कि वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य के चिडिय़ाघरों और हिरण पार्कों में वन्य जीवों को गोद लेने की योजना शुरू की गई है। इसके लिए आम लोगों में जागरूकता पैदा की जाएगी। श्री कंबोज ने कहा कि वन विभाग द्वारा पहली से सात अक्तूबर तक वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है।
इस सप्ताह के दौरन विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और लोगों को वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रदेश की बढ़ती जनसंख्या के कारण वन भूमि पर काफी दबाव पड़ा है और गांवों के आसपास के वन क्षेत्र, कृषि क्षेत्र में बदल गए है। वनों में अनेक प्रकार के जीव-जंतु आश्रय लेते हैं, जो कि प्राकृतिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। श्री कंबोज ने कहा कि प्रदेश में दो राष्ट्रीय उद्यान, आठ वन्य प्राणी विहार तथा दो संरक्षण केंद्रों की स्थापना की गई है।
इसके अलावा पिपली, रोहतक व भिवानी चिडिय़ाघरों का आधुनिकीकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लाल जंगली मुर्गा, मोरनी व (बरवाला-पंचकूला) मगरमच्छ, (भौर सैयदा-कुरुक्षेत्र) चिंकारा (केरू-भिवानी) मोर (झाबुआ-रेवाडी) तथा गिद्ध (बीड शिकारगाह-पंचकूला) प्रजातियों के संरक्षण व प्रजनन केंद्र स्थापित किए गए हैं। वन राज्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार बनसंतोर (यमुनानगर) में हाथी पुनर्वास केंद्र की स्थापना, कलेसर राष्ट्रीय उद्यान व वन्य प्राणी विहार में कैमरा ट्रैप लगाकर वन्य प्राणियों की गणना का उचित प्रबंधन किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण व प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने हर घर हरियाली-हर खुशहाली योजना शुरू की गई है, जिससे वनों को बढ़ावा मिलेगा। योजना के तहत वन विभाग, अन्य सरकारी विभाग के अलावा किसानों व समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है।