परवाणू - हिमाचल में तेजी से पैर पसारते डेंगू ने पांच साल की एक बच्ची को अपना पहला शिकार बना लिया है। स्वास्थ्य विभाग की कोशिशों के बावजूद इस बच्ची की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हुई है। मामला बद्दी तहसील की कालूझिंडा पंचायत के कोटियां गांव से जुड़ा है। देर से मिली सूचना के मुताबिक इस गांव में रहने वाले गुरनाम सिंह व उनकी पत्नी किरण लता की पांच वर्षीय बेटी को 28 सितंबर के दिन परवाणू ईएसआई अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
यहां इस बच्ची की बिगड़ती हालत के बाद 29 सितंबर को पीजीआई के लिए रैफर कर दिया गया था। पीजीआई में ही उपचार के दौरान इस बच्ची की डेंगू की चपेट में आने के चलते 30 सितंबर को मौत हो गई है। कालूझिंडा पंचायत प्रधान राजकुमारी ने इस संबंध में बताया कि बच्ची की मौत के बाद डाक्टरों की एक टीम ने भी क्षेत्र में दौरा कर लोगों को डेंगू के प्रति जानकारी दी है। ईएसआई अस्पताल परवाणू में डेंगू के सात अन्य गंभीर मामले होने के चलते पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रैफर करना पड़ा है।
पिछले दो दिनों में इन सात मरीजों को पीजीआई भेजा गया है। परवाणू में डेंगू के अब तक कुल 138 मामले पाजिटिव पाए जा चुके हैं। परवाणू प्रदेश का सबसे अधिक डेंगू प्रभावित क्षेत्र होने के चलते दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के रौंगटे भी खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, शनिवार को दिल्ली से स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम परवाणू पहुंच रही है।