भुंतर - देश के 24 राज्यों में ग्रामीण विकास के तहत कार्य करने वाली संस्था कासा प्रदेश में 100 स्मार्ट पंचायतों का गठन करेगी। केंद्र सरकार की तर्ज पर संस्था प्रदेश सरकार के साथ मिलकर सभी जिलों में स्मार्ट पंचायतों के मिशन को पूरा करेगी। अहम यह कि स्मार्ट पंचायतों के मापदंडों को पूरा करने की देखरेख का जिम्मा सामाजिक संस्थाओं के हवाले होगा। दुनिया भर के 138 देशों की संस्थाओं के समूह एक्टएलाइंस की सदस्य संस्था कासा के वरिष्ठ कार्यक्रम समन्वय सुरेश कुमार सतपथी ने इसका खुलासा किया है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट पंचायतों का चयन सरकार के साथ मिलकर किया जाएगा और जिन पंचायतों को स्मार्ट पंचायत योजना से जोड़ा जाएगा, वहां सबसे पहले पंचायत चुनाव जागरूकता कार्यक्रम भी निर्वाचन विभाग के साथ चलाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शिमला में इस संदर्भ में एक विशेष बैठक का आयोजन गत दिनों किया गया था। इसमें प्रदेश भर की दो दर्जन से अधिक सामाजिक संस्थाओं ने भाग लिया और इस संदर्भ में फैसला लिया। साल के अंत में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं और माना जा रहा है कि स्मार्ट पंचायतों में मतदाताओं को जागरूक कर सरकार आदर्श प्रतिनिधियों का चयन करने के लिए प्रेरित करेगी।
इसके अलावा इन पंचायतों के लिए विशेष योजनाओं को भी मंजूर कर विकास कार्य करवाए जाएंगे। इसके अलावा जागरूकता संबंधित कार्यक्रमों के लिए कासा भी आर्थिक मदद प्रदान करेगी। कासा अधिकारियों के अनुसार हाल ही प्रदेश में पंचायत चुनावों के तहत मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाने की योजना बनी थी, लेकिन अब प्रदेश सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर स्मार्ट पंचायतों के गठन के कार्यक्रम को लेकर भी सहमति बनी है।
उधर, मांउटेन क्लेक्टिव फोरम के कार्यक्रम समन्वय अमित शर्मा ने बताया कि उक्त सभी पंचायतों के चयन को लेकर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है और जल्द ही इनका ऐलान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिमला में सभी जिलों की करीब दो दर्जन से अधिक संस्थाओं के साथ हुई बैठक में इस बारे में चर्चा की गई थी। बहरहाल, प्रदेश में स्मार्ट सिटी के बाद अब स्मार्ट पंचायतें बनेंगी और इसमें प्रदेश सरकार के साथ सामाजिक संस्थाएं अहम रोल निभाएंगी।