चण्डीगढ़ - हरियाणा के 20 युवा आईएएस अधिकारियों के साथ अपनी किस्म की पहली बातचीत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हें अपने-अपने नियुक्ति स्थलों पर भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो टोलरैंस की नीति का अवलोकन करने और इसे दृढ़ता से लागू करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास पर 2011-2015 बैच के सभी हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए सुझाव दिया कि उनमें से प्रत्येक अधिकारी, जिनकी भावी नियुक्ति कहीं पर भी हो, को कैरियर प्रतिबद्धता के लिये सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एक राष्ट्रीय या राज्य कार्यक्रम का चयन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें संसाधन की कोई कमी महसूस नहीं करनी चाहिए, क्योंकि अनेक नागरिकों, सिविल सोसायटी संगठन और कॉरपोरेट राष्ट्र निर्माण और समाज की बेहतरी के लिये ईमानदार और भावपूर्ण प्रयासों को समर्थन करने के लिये तैयार रहते हैं।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने युवा अधिकारियों के साथ उनके अनुभवों और अनूठे विचारों को लगभग तीन घण्टों तक सुना। मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों ने उनके विचार नोट किये। इस कॉन्फ्रैंस में राजस्व प्रशासन सुधार, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, स्मार्ट सिटी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम और अनेक अन्य शासन सुधार के कार्यों पर अनूठे सुझाव दिये। युवा अधिकारियों ने श्री मनोहर लाल के दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम सीएम विण्डो और सभी महिला पुलिस थानों की एकमत से प्रशंसा की।
हरियाणा के मुख्य सचिव श्री डी.एस. ढेसी ने कहा कि यह हरियाणा के इतिहास में ऐसा पहली बार अनूठा संयोग बना है जब एक मुख्यमंत्री ने जूनियर आईएएस अधिकारियों के साथ फेस-टू-फेस बातचीत करने के लिये आधे दिन का समय निकाला है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।