जींद - प्रदेश के सीएम मनोहर लाल द्वारा दिए गए बयान कि डंडे के दम पर आरक्षण नहीं ले सकते जाट के बयान के बाद जाट और पंजाबी समुदाय आमने-सामने आ गए है। जाटो के नेता हवा सिंह सांगवान के पंजाबी समुदाय को पाकिस्तानी कहने के बाद पंजाबी सुमदाय ने जाट समुदाय का मुखर विरोध करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को जींद में पंजाबी समुदाय के लोगो ने बैठक कर हवा सिंह सांगवान के बयान की निंदा की व उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग भी की।
पंजाबी सुमदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले जींद की जाट धर्मशाला में आयोजित अतिथि अध्यापकों द्वारा बुलाई गई खाप पंचायतों की मिटिंग में भी जाट संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नफे सिंह नैन द्वारा ने भी प्रदेश के सीएम मनोहर लाल व पंजाबी सुमदाय के प्रति बहुत गलत टिप्पणीयां की थी। रविवार को प्रदेश के सीएम मनोहर लाल ने करनाल के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि जाट डंडे के दम पर आरक्षण नहीं ले सकते और जो मजबूत होते है उन्हे आरक्षण की जरूरत नहीं होती।
इस बयान के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हवासिंह सांगवान ने भिवानी में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री को पाकिस्तान मूल के होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान मूल से आए समुदाय विशेष की तरफ इशारा करते हुए कहा कि के 6 फीसदी लोग 94 फीसदी हरियाणवी लोगों के हक को छीनना चाहते हैं और सारी सुविधा 6 फीसदी को देना चाहते हैं। उन्होने कहा कि इसी रणनीति के तहत हरियाणा में हरियाणवी लोगों की बजाय सरकारी उच्च पदों पर समुदाय विशेष के लोगों को आयात कर बैठाया जा रहा है।
सांगवान ने कहा था कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर जाटों के खिलाफ दमनकारी नीति अपना रहे हैं। मंगलवार को जींद के पंजाबी समुदाय ने अशोक गुलाटी का अध्यक्षता में एक मीटिंग बुला कर जाट नेता हवा सिंह सांगवान द्वारा सीएम मनोहर लाल खट्टर को पाकिस्तानी कहने की कड़े शब्दों में निंदा की। वक्ताओ ने कहा कि जाट नेता सांगवान प्रदेश का भाईचारा खराब करने पर तुले हुए हैं, उनके विरुद्ध सरकार तुरंत मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार करे और उन्हें जेल में डाले।
उन्होने कहा कि सांगवान जल्द से जल्द पंजाबी समाज से माफी मांगे। बैठक में कपड़ा एसोशिएशन के प्रधान अशोक गुलाटी ने कहा कि पंजाबियों का देश और प्रदेश की उन्नति में बहुत बड़ा योगदान है। देश के बंटवारे के समय पंजाबी समुदाय के लोग खाली हाथ आए थे और इन्होंने अपनी मेहनत के बल पर बहुत बड़ा मुकाम हासिल किया है। जाट पंजाबी समुदाय को पाकिस्तानी कहने वाले लोग ओच्छी मानसिकता का परिचय दे रहे हैं।