परवाणू - भारतीय रेलवे विभाग की ऐतिहासिक धरोहर शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर एक बार फिर एक बड़ा हादसा हुआ है। इस हादसे में हालांकि किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार, शिमला से कालका की ओर आ रही हिमालयन क्वीन ट्रेन का इंजन परवाणू के समीप पूर्व हादसे के आसपास करीब 5:45 बजे अचानक इसकी सात बोगियों से अलग हो गया। इस कारण इन बोगियों में सवार करीब 250 सवारियों की सांसें भी हादसे की आशंका से अटक गईं।
हुआ यूं कि इस ट्रेन का इंजन अपनी सात बोगियों से अलग हो गया। बताया जा रहा है कि इस इंजन को बोगियों से जोडऩे वाला कप्लिन टूटने की वजह से इंजन अपनी बोगियों से अलग हो गया। यह हादसा एक बार फिर उसी जगह के समीप हुआ है, जहां कुछ ही समय पहले ट्रेन के ट्रैक से उतरने के चलते दो विदेशी महिलाओं की मौत हो गई थी। रेलवे विभाग के इस ऐतिहासिक ट्रैक को एक बार फिर बदनामी की राह पर ला रहा है। रेलवे विभाग शायद अपने पूर्व अनुभव के आधार पर इस ऐतिहासिक धरोहर को सुधारने का प्रयास नहीं कर रहा है, जिसके कारण एक बार फिर इस प्रकार का हादसा देखने को मिला है।
इसमें 250 के करीब रेलवे पेसेंजरों की जान को जोखिम उठाना पड़ा है। स्टेशन अधीक्षक कालका विनय अरोड़ा ने बताया कि हिमालयन क्वीन का इंजन अपनी बोगियों से कप्लिन टूटने के कारण अलग हो गया था। परवाणू में हुए इस हादसे में किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है। इस बात की जांच की जाएगी कि आखिर इंजन किस प्रकार अपनी बोगियों से अलग हुआ है।