चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा पोषण मिशन को सफल बनाने के लिए प्रदेश में नई पोषाहार नीति बनाने तथा महिला सशक्तिकरण तथा मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए आगामी रक्षाबंधन पर राज्य के सभी उपमंडल स्तर पर महिला पुलिस थाने खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री करनाल के राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के सभागार में हरियाणा मानवाधिकार आयोग द्वारा आयोजित मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता व सुशासन विषय पर आयोजित कार्यशाला में मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवाधिकारों के प्रति भारतीय संस्कृति ने सदियों वर्ष पहले विश्व को संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पानीपत से आरम्भ किये गए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ राष्ट्र्रव्यापी अभियान हरियाणा में सही दिशा में चल रहा है, जिससे कुछ जिलों में लिंगानुपात में सुधार हुआ है। प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम को सख्ती से लागू किया गया है तथा पिछले तीन महीनों में इसके उल्लंघन के 130 मामले दर्ज किये गए है,जिनमें से 82 मामलों के तहत सजा सुनाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्या भू्रण हत्या किसी एक प्रदेश की समस्या नहीं है,बल्कि अन्य राज्यों को भी इस पर अंकुश लगाने के लिए एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर 28 अगस्त को सभी जिलों में महिला पुलिस थाने संचालित किये गए थे। इन थानों में महिलाओं से जुड़े विशेष मामलों की सुनवाई केवल महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाती है और अब उपमंडल स्तर पर भी अगले वर्ष रक्षा बंधन के अवसर पर महिला थाने खोले जाएंगे, इसके लिए मुख्यमंत्री ने उपस्थित पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंगल को अभी से तैयारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने भी एकात्मा मानव, अर्थात पूरे विश्व की आत्मा एक है, का नारा दिया।
हमें व्यक्तिगत को इकाई न मानकार समाज को इकाई मानकर मानवाधिकारों की रक्षा करनी होगी। भारतीय संविधान ने भी हमे मौलिक अधिकार दिये है और राज्यों के लिए सरकार चलाने के सिंद्धात में निहित है परन्तु व्यक्ति के कर्तव्यों पर मौन है। उन्होंने कहा कि बिजली के बिल भरना सभी नागरिकों का कर्तव्य है। नागरिक बिलों की अदायगी स्वयं भरे, सरकार बलपूर्वक बिल भरवाकर अपनी डयूटी पूरी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से आम नागरिकों को अपने कर्तव्यों के प्रति प्रेरित कर सकते है