जींद - जिले के निजी स्कूल संचालकों ने संयुक्त रूप से शनिवार को सरकार के शिक्षा विरोधी कानून 134ए तथा बसों में कैमरे आदि निर्णय थोपने के विरोध में शहर में प्रदर्शन किया। हड़ताल के मद्देनजर लगभग 400 निजी स्कूल बंद रहे और किसी भी स्कूल में पढ़ाई नहीं हो सकी। शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी स्कूल नहीं खुले। अधिकतर स्कूलों की तरफ से बच्चों की छुट्टी का नोटिस एक दिन पहले ही जारी कर दिया गया था। रैली का नेतृत्व नरेश बराड़ ने किया।
उसमें स्कूल संचालकों के अलावा स्कूल के शिक्षक भी शामिल हुए। निजी स्कूल संचालक व शिक्षकों ने गोहाना रोड पर डाकखाने के सामने 10 मिनट के लिए सड़क को भी जाम कर दिया और नारेबाजी की। प्रदर्शन नेहरू पार्क से शुरू हुआ, जो गोहाना रोड होते हुए लघु सचिवालय पर समाप्त हुआ। यहां पर निजी स्कूल संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम का मांगों से संबंधित ज्ञापन डीडीओ को सौंपा। इससे पूर्व सभी निजी स्कूल संचालक व शिक्षक नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और यहां पर सभा का आयोजन किया गया।
यहां मौजूद स्कूल संचालकों को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि सरकार 134ए कानून को निरस्त कर अनावश्यक रूप से बसों में कैमरे, जीपीआरएस जैसे उपकरणों के लिए दबाव बना रही है। वैसे भी निजी स्कूल पूरे प्रदेश में 50 लाख विद्यार्थियों में से 25 लाख विद्यार्थियों की शिक्षा का कार्य पूरी निष्ठा के साथ कर रहे हैं। सरकार से बिना कुछ लिए ये स्कूल अपने संसाधनों द्वारा राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सु²ढ़ बनाकर योग्य एवं प्रबुद्ध नागरिक तैयार करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का शिक्षा का बजट लगभग 10 हजार करोड़ का होता है, जो मात्र आधी छात्र संख्या के लिए ही पर्याप्त है।
यदि पूरे छात्रों की शिक्षा की व्यवस्था की जाए तो ये हरियाणा सरकार के लिए 20 हजार करोड़ से भी अधिक खर्च आएगा। निजी स्कूल संचालकों ने सरकार से मांग की कि इन मुद्दों पर विचार कर निजी स्कूलों की समस्याओं का समाधान सहानुभूतिपूर्वक किया जाए, ताकि अध्यापक, संचालक विद्यालयों में अधिक से अधिक समय देकर विद्यार्थियों का भविष्य निर्माण कर राज्य एवं राष्ट्र की उन्नति में सहायक सिद्ध हों। सरकार फैसला वापस ले विभिन्न प्राइवेट स्कूल यूनियन के कोर्डिनेटर वजीर ङ्क्षसह ढांडा, सुभाष श्योराण दलशेर लोहान, उदयवीर नेहरा, नरेश बराड़, ने कहा कि सरकार जान-बुझकर 134 ए निजी स्कूलों पर थोप रही है, जोकि गलत है।
यदि निजी स्कूलों पर यह लागू करना है तो इसका खर्चा सरकार को वहन करना चाहिए। इसी प्रकार से बसों में कैमरे, जीपीआरएस सिस्टम लगाना भी गलत है। गोहाना रोड पर रही जाम की स्थिति निजी स्कूल संचालकों का प्रदर्शन लगभग 10 बजे नेहरू पार्क से शुरू हुआ। इसके बाद लगभग एक घंटे तक जाम के चलते गोहाना रोड पर प्रभावित रहा। प्रदर्शन के चलते गोहाना रोड पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालक फंस गए। प्रदर्शन के पीछे चल रहे अधिकतर वाहन चालकों ने अपने रूट ही डायवर्ट कर दिए और वाहन चालक सफीदों रोड से अपने गंतव्य की तरफ गए।