घुमारवीं, टीहरा - आशा और निराशा के बीच जूझ रहे बिलासपुर प्रशासन को बुधवार देर सायं निर्माणाधीन सुरंग में फंसे तीन में से दो मजदूरों के साथ संपर्क साधने में सफलता मिल गई। बुधवार शाम लगभग साढ़े सात बजे सीसीटीवी कैमरा व माइक्रोफोन मजदूरों तक पहुंच गया। कैमरा पहुंचते ही पांवटा के सतीश व मंडी के मणिराम ने अपने सकुशल होने का संदेश दिया। हालांकि तीसरे मजदूर हिरदा राम से संपर्क नहीं हो पाया है। हिरदा राम मंडी जिला के नाचन क्षेत्र के हटगढ़ गांव से है, जबकि मणिराम मंडी के ही खोलनाल के करेरी गांव से है।
तीसरा मजदूर सिरमौर जिला के पांवटा के टौंरु गांव का रहने वाला है। उक्त दोनों परिवारों को प्रशासन ने जैसे ही उनके अपनों के सकुशल होने की सूचना दी, वे खुशी से झूम उठे। प्रशासन ने अब राहत कार्य और तेज कर दिए हैं। गौरतलब है कि टीहरा-बलोह निर्माणाधीन टनल में फंसे तीन मजदूरों तक संपर्क साधने के लिए रेस्क्यू टीम को सुबह ही बड़ी कामयाबी मिलने के संकेत मिल रहे थे। रेस्क्यू में जुटे एक्सपर्ट्स ने पहाड़ी से टनल तक 49 मीटर तक ड्रिल मशीन से छेद किया, लेकिन टनल के ऊपर लगाई गई लोहे की रॉड बीच में आ जाने से थोड़ी रुकावट आ गई।
फिर ड्रिल मशीन के माध्यम से लोहे की रॉड को काटा गया। जैसे ही रास्ता बना, चार इंच की पाइप में माइक्रोफोन व सीसीटीवी भेजा गया। कैमरे के अंदर पहुंचते ही टनल के भीतर मूवमेंट व मजदूरों की हरकत का पता चला। मजदूरों से संपर्क हुआ और उन्हें ढाढस बंधाया कि जल्द बाहर निकाल लिया जाएगा। उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने कहा कि यह बहुत बड़ी कामयाबी है। वह खुद राहत एवं बचाव कार्यों का देर रात्रि तक जाजया लेती रहीं। होल के माध्यम से जीवन रक्षक दवाइयां, खाद्य पदार्थ, पेयजल पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि संवेदनशील कैमरे के सुरंग में भेजने के बाद ही स्थिति का सही अनुमान लग पाया और मजदूरों से संपर्क बन पाया। उपायुक्त ने बताया कि टनल में फंसे व्यक्तियों को सही सलामत बाहर निकालना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं। रात के समय उपायुक्त ने सुरंग में फंसे व्यक्तियों के परिजनों से चर्चा की तथा कहा कि प्रशासन की ओर से सुरंग में फंसे व्यक्तियों को बचाने के लए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। खबर लिखे जाने तक उपायुक्त व अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे थे।