चंडीगढ़ - हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने डेंगू के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के हाई अलर्ट पर होने के चलते प्रदेश के सभी चिकित्सकों तथा पेरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द करने के निर्देश दिए हैं। विज ने कहा कि प्रदेश में डेंगू पर नियंत्रण करने के लिए सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी तथा सभी मरीजों को समय पर उचित उपचार मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरआर जोवल ने राज्य के सभी सिविल सर्जन को विडियोकान्फ्रेंसिंग द्वारा केवल डेंगू व मलेरिया को नियंत्रित करने पर दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डीपी लोचन सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में सिविल सर्जनज को निर्देश देते हुए कहा कि वह मच्छरों के लारवा पर नियंत्रण पाने के लिए प्रदेश में घर-घर जाकर सर्वे करें। इसके साथ ही प्रदेश के सभी गली-कूचों में सघन फोगिंग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। श्री विज ने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को डेंगू से बचाव करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पेंफलेट, समाचार पत्रों के माध्यम से दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे है ताकि लोगों को इसके बचाव के तरीकों के विषय में बताया जा सके। बैठक में सिविल सर्जनज को इन सभी गतिविधियों पर नजर बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी तक डेंगू के 542 मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत होने की पुष्टि हुई है। इसी प्रकार मलेरियों के 3437 मामले सामने आए हैं, जो कि गत वर्ष की तुलना में करीब 25 प्रतिशत तक कम है। गत वर्ष इसी अवधि के दौरान मलेरिया के 4235 मामले सामने आए थे। डेंगू तथा मलेरियों पर नियंत्रित करने के लिए मेवात सहित सभी जिलों में रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है, जो कि इस पर निगरानी कर रही है।