चंडीगढ़ - बीते दिन कालका-शिमला हैरिटेज ट्रैक पर टॉय ट्रेन के पटरी से उतर जाने के कारण हुई दुर्घटना के मामले में रेल मंत्रालय की ओर से जांच के आदेश जारी कर दिये गये है। अंबाला रेलवे मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार ने बताया कि सिविल एविऐशन और कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (पीआरएस) की टीम 15 सितंबर को स्थिति का जायजा लेने के लिये कालका पहुंचेगी। यह टीम दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लेगी और रिपोर्ट मंत्रालय को भेजेगी। डीआरएम ने बताया कि इस पूरे मामले में स्टेशन अधीक्षक से लेकर टॉय ट्रेन के चालक और लाइनमैन तक के बयान दर्ज किये जायेंगे।
डीआरएम दिनेश ने फोन पर बताया कि वह 15 सितंबर को स्वयं दुर्घटनास्थल का मुआयना करने के लिये टीम के साथ पहुंचेंगे। वहीं जब उनसे प्रश्न किया गया कि पिछले सालों में इस ट्रेक पर कई बार दुर्घटना हो चुकी हैंं तो डीआरएम ने कहा कि मामले में जब तक टीम छानबीन कर कोई रिपोर्ट तैयार नहीं कर लेती तब तक कुछ भी कहा नहीं जा सकता। वर्ष 2008 में यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड हैरिटेज घोषित किए गए शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर जुलाई 2010 में कोटी के निकट भी हादसा हो चुका है।
इस हादसे में इंजन के पटरी से उतर जाने के कारण एक व्यक्ति घायल हो गया था। इसी तरह दिसंबर 2008 में कालका-शिमला होलीडे स्पेशल ट्रेन के तीन डब्बे पटरी से उतर गए थे। जिस वजह से एक यात्री मारा गया था और छह घायल हो गए थे। इन सभी मामलों में जांच तो मार्क कर दी गई लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कालका से शिमला तक इस पूरे ट्रैक पर 102 सुरंगें और 988 पुल हैं। वहीं, ट्रैक का निर्माण अंग्रेजों ने सन 1903 में किया था।