चंडीगढ़ - पूर्व मुख्यमंत्री व किसान सम्मान रैली के को-चेयरमैन भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हरियाणा की जनता को जिस भरोसे के साथ रैली का जिम्मा सौंपा है, उस विश्वास को जनता टूटने नहीं देगी। उन्होंने भरोसा दिया कि हरियाणा के बहादुर लोग हमेशा संघर्ष में आगे रहते हैं और इस बार भी रामलीला मैदान भीड़ से पाट दिया जाएगा। हुड्डा रविवार को दिल्ली स्थित आवास पर 20 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की किसान सम्मान रैली के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
हुड्डा ने कहा कि 19 अप्रैल की रैली की तरह ही इस बार भी हरियाणा उम्मीदों पर खरा उतरेगा। हुड्डा ने कहा कि यह देश के किसान की ही जीत है कि भाजपा को इस मुद्दे पर यू-टर्न लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा ने जब किसान की जमीन हड़पने की नीयत से भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन किया तो हरियाणा के किसानों ने दिल्ली में पहुंचकर विरोध दर्ज कराया था। 19 अप्रैल की किसान रैली में हरियाणा का बडी जिम्मेदारी सौंपी गई थी और इसे जनता ने निभाया था। इस रैली की कामयाबी ने ही कांग्रेस नेतृत्व और देश के किसान को हौसला व दिशा देने का काम किया था। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के सांसदों व पूरी पार्टी ने सडक़ से संसद तक यह मुद्दा पूरजोर तरीके से उठाया।
इसी की बदौलत भाजपा सरकार को यू-टर्न लेने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि रैली के लिये जुट जाएं। किरण चौधरी ने भी सभी से रैली के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हुड्डा ने रैली की सफलता के लिए जो कार्यक्रम तय किया है, उसमें सहयोग करना हम सबका दायित्व है। बैठक में मंच संचालन प्रो वीरेंद्र सिंह ने किया। बैठक में कुलदीप शर्मा, कर्ण दलाल, आनंद दांगी, जगबीर मलिक, श्रीकृष्ण हुड्डा, गीता भुक्कल, जयबीर बाल्मीकि, जयतीर्थ दहिया , ललित नागर, शकुंतला खटक व अन्य नेता भी मौजूद थे।