चण्डीगढ़, 8 मार्च- यूपीए अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी ने आज कहा कि महिलाओं के विरूद्घ अपराध से लड़ने के लिए शीघ्र ही एक नया कानून बनाया जाएगा। उन्होंने लोगों से समाज से कन्या भ्रूण हत्या के कलंक को मिटाने और महिलाओं के विरूद्घ बलात्कार एवं छेड़छाड़ जैसे अपराधों को समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति लोगों की मनोवृत्ति को बदले जाने की आवश्यकता है।
श्रीमती सोनिया गांधी आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला सोनीपत के खानपुर कलां में भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को सम्बोधित कर रही थीं।
इससे पूर्व, उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में भगत फूल सिंह राजकीय महिला चिकित्सा महाविद्यालय को लोगों को समर्पित किया, जो कि देश की आजादी के बाद अपनी तरह का पहला महाविद्यालय है। इससे पूर्व, वर्ष 1914 में लेडी हार्डलिंग मैडिकल कालेज नामक एकमात्र राजकीय महिला चिकित्सा कालेज स्थापित किया गया था। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल श्री जगन्नाथ पहाडि़या, मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री बी के हरिप्रसाद तथा हरियाणा सरकार के अनेक मंत्री तथा कई सांसद भी उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि देश में कन्या भू्रण हत्या तथा बलात्कार जैसे अपराधों से हमारा सिर शर्म से झुक रहा है। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या तथा महिलाओं के विरूद्घ अपराध पर चिंता व्यक्त करते हुए महिलाओं का आह्वान किया कि वे भविष्य में किसी भी कठिनाई या चुनौती के सामने झुके नहीं और हिम्मत से उनका मुकाबला करें, क्योंकि देश को हर महत्वपूर्ण पद पर उनकी जरूरत है। उन्होंने यूपीए सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण तथा उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर को सुधारने के लिए उठाए गए अनेक कदमों का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि एक महिला बैंक और निर्भय कोष स्थापित करने के लिए बजट में आगामी वर्ष के लिए 1000-1000 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं।
हरियाणा सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण एवं प्रगति के लिए उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए श्रीमती गांधी ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कार्य कर रही हरियाणा सरकार को बधाई देना चाहूंगी, जिसने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयास किये हैं और इन प्रयासों में शिक्षा एवं खेल के क्षेत्रों में हरियाणा की महिलाओं की प्रतिभा को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की लड़कियां प्रतिभावान, योग्य एवं बहादुर हैं और भविष्य में इन प्रयासों के बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
हरियाणा द्वारा विकास के विभिन्न क्षेत्रों में की गई प्रगति की सराहना करने के साथ-साथ उन्होंने लड़़कियों की घटती संख्या पर अपनी चिंता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह केवल लोगों की छोटी सोच के कारण है और यह समस्या समस्त देश में महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे। अतः यह सही समय है कि हम इसके विरूद्घ आवाज उठाएं।
श्रीमती गांधी ने कहा कि शिक्षा एवं सफलता का मार्ग कभी आसान नहीं होता लेकिन विद्यार्थियों को किसी भी बाधा के आगे झुकना नहीं चाहिएं, क्योंकि देश को उनकी जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वे ऐसे लोगों को शिक्षा देंगी, जिन्हें शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल सका है।
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह गुरूकुल मात्र तीन विद्यार्थियों के साथ वर्ष 1936 में शुरू हुआ था, लेकिन गत छः वर्षों में आज यह एक भव्य परिसर के रूप में उभर कर सामने आया है। मीलों की यात्रा छोटे-छोटे कदमों से ही शुरू होती है। उन्होंने कहा कि इसके अधिकतर विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से हैं और यह निश्चय ही सामाजिक क्रांति एवं बदलाव का एक उदाहरण स्थापित करेगा।
हरियाणा के राज्यपाल श्री जगन्नाथ पहाडि़या, जो विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं, ने केन्द्रीय सरकार द्वारा 1000 करोड़ रुपये का निर्भय कोष तथा केवल महिला बैंक स्थापित कियेज जाने की सराहना की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के स्तर को सुधारने के लिए उठाए गए कदमों की भी प्रशंसा की।
महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई अनेक पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इनमें प्रियदर्शनी आवास योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं, जिसके तहत गरीब लोगों के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 3.5 लाख मकानों का निर्माण किया जाएगा। मकान का स्वामित्व परिवार की महिला को प्राप्त होगा। जिन माता-पिता के केवल लड़की या लड़कियां ही बच्चे हैं, को 45 वर्ष की आयु से मासिक पेंशन दी जा रही है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे अनुसूचित जाति के परिवारों तथा गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन कर रही विधवाओं की लड़कियों के विवाह पर 31,000 और 11,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
श्री हुड्डा ने कहा कि उच्चतर शिक्षा में वर्ष 2010-11 की तुलना में वर्ष 2011-12 के दौरान लड़कियों की संख्या 57 प्रतिशत थी।
श्री हुड्डा ने श्रीमती गांधी को महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याणार्थ कार्य कर रही है।
श्रीमती गांधी ने उत्कृष्ट विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किये। दीक्षांत समारोह में 2436 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई। इससे पूर्व, उन्होंने भगत फूल सिंह राजकीय महिला चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का दौरा किया और मरीजों का हाल-चाल पूछने के लिए उनसे बातचीत की। उन्हें चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की प्रगति और योगदान पर एक वृत्तचित्र भी दिखाया गया। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की भी सराहना की।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री कुलदीप शर्मा, हरियाणा कांगे्रस अध्यक्ष श्री फूलचन्द मुलाना, सांसद श्री दीपेन्द्र सिंह हुड्डा, डॉ अशोक तंवर एवं श्री जितेन्द्र मलिक, शिक्षा मंत्री श्रीमती गीता भुक्कल, स्वास्थ्य मंत्री राव नरेन्द्र सिंह, सहकारिता मंत्री श्री सतपाल सांगवान, कृषि मंत्री श्री परमवीर सिंह, मुख्य संसदीय सचिव श्री राव दान सिंह, श्री रामकिशन फौजी एवं श्री जयवीर सिंह, विधायक श्री विनोद शर्मा, श्री जगबीर मलिक, श्री नरेश शर्मा, श्री राजेन्द्र सिंह जून, श्री ओ पी जैन एवं श्री जिले राम शर्मा, विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ पंकज मित्तल, महिला चिकित्सा महाविद्यालय की निदेशक डॉ आर सी सिवाच एवं कुलसचिव श्रीमती आशा काद्यान के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।