भिवानी - फर्जी अगूंठो के आधार पर नौकरी पाने वाले जेबीटी अध्यापकों को नोटिस जारी होने से अध्यापकों में हडक़ंप मच गया है और उन्होनें अपने आपको सही बताते हुए दोबारा से जांच की मांग उठाई है। भिवानी में 45 जेबीटी अध्यापकों को नोटिस जारी किए गये है और उन्हें 15 दिनों में शिक्षा विभाग में जबाब दाखिल करना है। यहीं नहीं नोटिस में यह भी कहा गया है कि इन अध्यापकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की करवाई जाए।
भिवानी के गांव बामला के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में ऐसे चार अध्यापक है जिन्हें ये नोटिस मिले है। जेबीटी अध्यापक नीरज एंव सोनिया से इस बारे में जब बात की गई तो इनका कहना है कि जो इन्हें नोटिस मिले है वह बिल्कुल गलत है क्योकि उन्होंने 2009 में एचटेट पास किया था और उसके बाद 2011 में पूरी प्रक्रिया से उन्होनें ज्वाइन करवाया गया था उसके बाद कुछ माह पहले हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में अगूंठा और साइन के लिए भी बुलाया गया था। वहां पर बकायदा विडियोग्राफी भी की गई थी।
वह बिल्कुल सही है और उनके जो साइन है वह भी बिल्कुल ठीक है। उन्होनें सरकार से मांग की है कि जो फर्जी है उन्हें हटाया जाए ना कि जो सही उन्हें नोटिस जारी कर उन्हें मानसिक परेशानी दी जाए। इस के लिए वो दोबारा से कहीं भी जांच करवाने के बारे में तैयार है। उन्होनें बताया कि सरकार ने यदि इस बारे में भी कोई ठोस कारवाई नहीं की तो इसके लिए आदोलन करेगें।