पानीपत - पानीपत के उंझा गांव से 3 सितंबर को अपहृत किए गए 11 साल के सागर की फिरौती नहीं मिलने पर आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने यूपी के करौना स्थित सैपट गांव से बच्चे का बरामद कर लिया है। सागर के अपहरण में जानकारों का ही हाथ था। पुलिस ने अपहरण के मुख्य आरोपी ब्रह्मपाल को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दूसरा आरोपी अभी फरार है, जोकि रिश्ते में ब्रह्मपाल का साला है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा। पानीपत के उंझा गांव निवासी नरेश के बेटे सागर का 3 सितंबर की रात करीब 8 बजे अपहरण कर लिया गया था। पहले तो परिजनों को लगा कि वह कहीं खेल रहा होगा। पर, रात तक वापस नहीं आया तो शक होने पर पुलिस को गुमशुदगी की सूचना दी। इसी बीच अगले दिन परिवार के सदस्यों को मकान में पत्थर से लिपटा एक पत्र मिला। इसमें 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी और पैसे न देने पर बच्चे की हत्या करने की धमकी दी थी।
यह पत्र मिलने के बाद परिजनों ने अपने जानकार गांव के ही ब्रह्मपाल पर अपहरण किए जाने का संदेह जताया। आशंका में शुक्रवार को पुलिस ने ब्रह्मपाल को दबोच लिया, जब उससे पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया। आरोपी ब्रह्मपाल ने बताया कि उसने बच्चे का अपहरण कर उत्तर प्रदेश के कैराना के गांव सैपट में अपने खेत में रखा है। थाना चांदनी बाग प्रभारी इंस्पेक्टर रामकुमार परिजनों को साथ लेकर कैराना पहुंचे। पुलिस को खेत में ट्यूबवेल के कमरे में सागर का शव मिला।
आरोपी ने 20 लाख की फिरौती न मिलने पर हत्या करने का आरोप कबूला है और इसमें अपने साले सोनू को भी शामिल होना बताया है। पुलिस दूसरे आरोपी सोनू की धरपकड़ में जुटी है। आरोपी ब्रह्मपाल ने पुलिस को बताया कि उसने बच्चे को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर उसके मुंह पर टेप लगा दी और हाथ-पांव बांध कर बोरे में बंद कर दिया। इस मामले में ब्रह्मपाल का साथ उसके साले सोनू ने भी दिया था। चांदनी बाग थाना पुलिस ने शव का मुज्जफरनगर स्थित जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।