जींद - दूरसंचार कंपनी के तथाकथित फर्जी अधिकारी ने आशरी गेट स्थित चिकित्सक से लाखों रुपये की राशि ठग ली। ठगी होने का उस समय पता चला जब चिकित्सक ने अधिकारी द्वारा दिए गए चैक को बैंक में लगाया। शहर थाना पुलिस ने चिकित्सक की शिकायत पर बीएसएनएल के तथाकथित जीएम के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी कागजातों का सहारा लेने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आशरी गेट स्थित नाथ नर्सिंग होम के चिकित्सक डा. सुरेश जैन ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बगत 30 मई को एक व्यक्ति उसके नर्सिंग होम में आया। उसने खुद का परिचय रमेश प्रजापति बीएसएनएल जीएम बता कर दिया।
बात करते समय रमेश प्रजापति ने उन्हें बताया कि उनके पास रोहतक व जींद का चार्ज है और उनके नीचे 823 कर्मचारी काम करते हैं। बीएसएनएल कंपनी प्रत्येक कर्मचारी का मैडिकल चैकअप करवाने के लिए 2100 रुपये देती है। इसलिए आप उसे सात लाख रुपये एडवांस दे दो और मैं आपके पास 17 लाख 28 हजार 300 रुपये का चैक भिजवा दूंगा। बीएसएनएल के तथाकथित जीएम रमेश प्रजापति की बातों में आकर उसने उसे सात लाख रुपये की राशि दे दी। उसके बदले में बीएसएनएल के तथाकथित जीमए रमेश प्रजापति ने डा. सुरेश जैन को 17 लाख 28 हजार 300 रुपये का चैक दे दिया और कुछ समय बाद उसे बैंक में लगाने के लिए कहा। डा. सुरेश जैन ने बताया कि जब उन्होंने चैक को बैंक में लगाया तो वह फर्जी पाया गया।
शहर थाना पुलिस ने डा. सुरेश जैन की शिकायत पर बीएसएनएल के तथाकथित जीएम रमेश प्रजापति के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी कागजातों का सहारा लेने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच अधिकारी महेंद्र ने बताया कि चिकित्सक डा. सुरेश जैन ने उनके साथ ठगी होने की शिकायत दी थी। जिसके आधार पर बीएसएनएल के तथाकथित जीएम के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।