चंबा - विश्व प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में एक अनुमान के मुताबिक अब तक 25 हजार के करीब श्रद्धालु पवित्र डल में डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। श्रद्धालुओं की आवाजाही बढऩे से भरमौर की वादियों में चहल- पहल काफी बढ़़ गई है। हालांकि मणिमहेश यात्रा का अधिकारिक तौर पर आगाज पांच सितंबर को जन्माष्टमी के छोटे न्हौण से होगा। जानकारी के अनुसार हड़सर से मणिमहेश डल तक के 13 किलोमीटर पैदल मार्ग में व्यवस्थाएं करीब- करीब दुरुस्त होने के बाद से श्रद्धालु प्रशासनिक चेतावनी को नजरअंदाज कर पवित्र डल में डुबकी लगाने के लिए निकल रहे हैं।
मणिमहेश के इस पैदल मार्ग पर कारोबार के उद्देश्य से अस्थायी दुकानें स्थापित करने वालों ने भी घोडों व खच्चरों के माध्यम से सामान ढुलाई का कार्य आरंभ कर दिया है। इस कारण मार्ग पर श्रद्धालुओं को खाने- पीने की वस्तुएं मुहैया करवाई जा रही हैं। पंजाब से आए श्रद्धालुओं के एक दल ने बताया कि हड़सर से मणिमहेश का मार्ग आवाजाही के लिए काफी सेफ है। उन्होंने बताया कि मार्ग पर बिजली व्यवस्था न होने से केवल रात्रि पहर ही यात्रा करने में मुश्किलें पेश आ रही हैं।
उन्होंने बताया कि शौचालयों के निर्माण का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका हैं। उन्होंने बताया कि काफी तादाद में स्थानीय लोग भी मार्ग पर आवाजाही करते दिखे हैं। उधर, एसडीएम भरमौर डा. जितेंद्र कंवर ने बताया कि यात्रा के अधिकारिक तौर पर आरंभ होने के बाद ही श्रद्धालुओं का सही आंकड़ा बताया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभी श्रद्धालु अपने रिस्क पर यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहली सितंबर से यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर अधिकारी, कर्मचारी व पुलिस जवान मोर्चा संभाल लेंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं का पंजीकरण भी होगा।