शिमला - मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था पर विपक्षी सदस्यों को जवाब दिया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में है। प्रदेश सरकार लोगों को सुरक्षा प्रदान करने व उनकी जान व माल की सुरक्षा करने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसी तस्वीर पेश न करे, जो तथ्यों से विपरीत हो। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 के आपराधिक आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि सरकार का प्रदेश में अपराधों पर पूरा नियंत्रण है। वर्ष 2011-12 में 34 हजार 812 अभियोग पंजीकृत हुए थे, जबकि वर्ष 2013-14 में 32 हजार 855 अभियोग पंजीकृत हुए हैं। इस प्रकार 2013-14 में 5.6 प्रतिशत अभियोगों में कमी आई है। वर्ष 2015 में जुलाई तक 10 हजार 110 अभियोग पंजीकृत हैं, जो कि वर्ष 2014 के बराबर ही हैं।
वर्ष 2011-12 में हत्या के 244 अभियोगों की तुलना में वर्ष 2013-14 में 235 अभियोग पंजीकृत हुए हैं। इस वर्ष जुलाई तक हत्या के 55 अभियोग ही दर्ज हैं, जो कि पिछले वर्ष के मुकाबले सात कम हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराधों पर सरकार गंभीर है। वर्ष 2015 में 31 जुलाई तक महिलाओं के विरुद्ध 754 अभियोग दर्ज किए गए, जो कि वर्ष 2014 की तुलना में 132 कम हैं। अवैध खनन को रोकने के लिए खनन माफिया के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 2013-14 में 9892 वाहनों के चालान किए। वर्ष 2015 में 3311 वाहनों का अवैध खनन के लिए चालान किया जा चुका है।
प्रदेश में हर वर्ष करीब 3000 सडक़ दुर्घटनाएं हो रही है, जिनमें 1100 व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है। वर्ष 2015 में जुलाई 31 तक 1677 वाहन दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 590 लोगों की मौत हुई व 2855 व्यक्ति घायल हुए। हिमाचल पुलिस पर सरकार को गर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह भी कहा कि सरकार को प्रदेश पुलिस पर गर्व है। प्रदेश पुलिस के जवान व अफसर अनुशासित तो हैं ही, अपनी ड्यूटी के प्रति वफादार भी हैं।