सिरसा - रविवार दोपहर पानीपत से अपने परिजनों से बिछुड़कर सिरसा पहुंचे तीनों नाबालिग बच्चों को रेलवे सुरक्षा बल के संयुक्त प्रयासों से सोमवार सुबह उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया। इस कार्य में ओपन शेल्टर होम सिरसा का भी काफी योगदान रहा। दरअसल, पानीपत के 10 से 12 वर्ष की आयु के 5वीं कक्षा के छात्र गुलशन पुत्र रामकिशोर, राजन पुत्र सुधीर और चंदन पुत्र सुबोध चौधरी गंगाराम कॉलोनी, कच्चा काबड़ी फाटक के पास रहने वाले हैं। ये तीनों बच्चे पानीपत के सनसाईन पब्लिक स्कूल में एक ही कक्षा के सहपाठी है।
रविवार दोपहर को ये तीनों बच्चें अपनी कॉलोनी के पास के खेल मैदान में खेल रहे थे। कॉलोनी के नजदीक रेलवे स्टेशन होने के कारण वे खेल-खेल में रेलगाड़ी में सवार हो गए और वहां से नई दिल्ली पहुंच गए। नई दिल्ली से वे सिरसा जाने वाली हरियाणा एक्सप्रेस गाड़ी में सवार हुए और हांसी के रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां राजकीय रेलवे पुलिस सिरसा के कांस्टेबल सज्जन सिंह और नवनेत्र सिंह द्वारा गस्त के दौरान उनकी नजर इन बच्चों पड़ी तो उन्होंने इनसे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। रेलवे पुलिस के कर्मचारी इन बच्चों को लेकर रविवार देर रात्रि सिरसा रेलवे स्टेशन पहुंचे और मोबाइल नंबर का पता करके उनके अभिभावकों को फोन पर सूचित किया।
अभिभावक भी बच्चों के घर न पहुंचने की वजह से काफी परेशान थे। साथ ही अभिभावकों ने भी बच्चों एकाएक लापता होने सूचना पानीपत पुलिस को दी। रेलवे पुलिस सिरसा द्वारा तीनों बच्चों के परिजनों को सूचना देने के बाद उनके अभिभावक तुरंत सिरसा के लिए रवाना हो गए और सोमवार सुबह 5 बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां रेलवे सुरक्षा बल के एसएचओ अजीत सिंह दहिया ने आवश्यक कागजी कार्यवाही करने के पश्चात तीनों बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया। वहीं परिजनों ने भी रेलवे पुलिस की इस कार्यवाही की प्रशंसा करते हुए उनका आभार जताया।