शिमला - हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपनी मांगों को लेकर सांकेतिक हड़ताल कर रहे डाक्टरों से मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपना संघर्ष वापस लेने की अपील की है। स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने आज प्रदेश विधानसभा में नियम 130 के तहत भाजपा के सुरेश भारद्वाज द्वारा लाये गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा कि प्रदेश सरकार के डाक्टरों के साथ बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डाक्टरों को पंजाब पैटर्न पर ही वेतन मिलेगा और सरकार इससे बाहर नहीं जायेगी। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि डाक्टरों को केवल जैनरिक दवाइयां ही लिखनी होगी तथा सरकार अपने इस निर्णय पर कोई समझौता नहीं करेगी क्योंकि इसी में प्रदेश की जनता का हित है। उन्होंने डाक्टरों से ये भी पूछा कि आखिर उन्हें जैनरिक दवाइयां लिखने में क्या समस्या है।
कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि डाक्टरों की वरिष्ठता सूची अगले तीन महीने में जारी कर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि बीएमओ और सीएमओ की पदोन्नति प्रक्रिया जारी है। डाक्टरों को सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में कानून को और कड़ा करने के लिए पड़ोसी राज्यों के कानूनों का अध्ययन किया जायेगा तथा प्रदेश के मौजूदा कानून को और सख्त बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार डाक्टरों के साथ ड्यूटी के दौरान अभद्र व्यवहार या मारपीट को गैर-जमानती अपराध बनाने पर विचार कर रही है।