चंडीगढ़ - हरियाणा में अध्यापक पात्रता परीक्षा के दौरान जिला स्तर पर परीक्षा केंद्र स्थापित किए जाने को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव टी.सी. गुप्ता छिड़े विवाद में भले ही शिक्षा मंत्री जीत गए हों लेकिन राज्य के करीब साढे चार लाख परीक्षार्थी हार गए हैं। शिक्षा बोर्ड अगले सप्ताह होने वाली शिक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर चुका था और परीक्षार्थी कई माह से हजारों रुपए खर्च करके कोचिंग ले रहे थे। परीक्षा लेने और देने वाले दोनों तरफ से तैयार थे लेकिन शिक्षा मंत्री द्वारा सभी जिलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए जाने के फैसले के चलते सभी तैयारियां थम गई हैं।
अध्यापक पात्रता परीक्षा अक्तूबर माह तक के लिए स्थगित कर दी गई है। परीक्षा का अगला कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में किया है जब बोर्ड द्वारा परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए रोल नंबर भी जारी किए जा चुके थे। अब परीक्षार्थियों से परीक्षा केंद्रों के संबंध में विकल्प भी मांगे जाएंगे। हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इस परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। इस परीक्षा के लिए सात जिलों को छोडक़र अन्य जिलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे।
परीक्षा की अंतिम तैयारियों के बीच तीन दिन पहले शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने बयान जारी किया कि राज्य के सभी जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए जिले से बाहर न जाना पड़े।
रामबिलास शर्मा का यह दावा विभागीय अधिकारियों को रास नहीं आया। शिक्षा विभाग के सचिव टी.सी. गुप्ता ने शुक्रवार को भिवानी में परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए पूर्व कार्यक्रम के अनुसार सभी अधिकारियों को बकायदा दिशा-निर्देश भी जारी किए। गुप्ता का तर्र्क था कि इतने कम समय में तकनीकी रूप से यह संभव नहीं है कि सभी जिलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए जाएं।