चण्डीगढ़, 4 मार्च - 30 से ज्यादा महिला कामगारों वाले उद्योगों में छोटे बच्चों के क्रैच खोलने अनिवार्य हैं, ताकि उद्योग में काम करने वाली महिलाएं काम के साथ-साथ अपने छोटे बच्चों की देखभाल भी कर सकें। जिस उद्योग में 30 से ज्यादा महिलाएं काम करती हों और उसमें कै्रच नहीं पाया गया तो, उसे फैक्टरी लाईसैंस जारी नहीं किया जाएगा।
यह बात गुड़गांव स्थित एनसीआर के अतिरिक्त श्रमायुक्त नरेश नरवाल ने आज राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के अवसर पर मानेसर में आयोजित कार्यशाला में कही। इस कार्यशाला में मानेसर तथा आसपास के 150 से भी अधिक उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यशाला में जहां एक ओर सुरक्षा विशेषज्ञों ने उद्यमियों को उद्योगों में सुरक्षा प्रबंधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी वहीं दूसरी ओर प्रदेश के श्रम विभाग तथा औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने फैक्टरी लाईसैंस अधिनियम, अनुबंध आधार पर रखे गए श्रमिकों के नियमों, एनओसी तथा लाईसैंस प्राप्त करने के लिए ऑनलाईन आवेदन करने आदि के बारे में उद्यमियों को बताया गया। यही नहीं कार्यशाला में उद्यमियों के लिए प्र्रश्नकाल भी रखा गया था, जिसमें उनकी जिज्ञासाओं व प्रश्नों के उत्तर विभाग के अधिकारियों ने दिए।
इस मौके पर उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए अतिरिक्त श्रमायुक्त नरेश नरवाल ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा फैक्टरी लाईसैंस तथा बिल्डिंग प्लान स्वीकृत करने के मामले समयबद्घ तरीके से निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यशैली में पारदर्शिता लाई जा रही है और पूरी जानकारी सार्वजनिक डोमेन में रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि गैर प्रदुषण वाले उद्योगों को अब हरियाणा राज्य प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड़ से एनओसी लाने की आवश्यकता नहीं है, उनके लिए केवल एक एफीडेविट देना काफी है, जिसमें यह लिखा हो कि उद्योग प्रदुषण रहित है।
उन्होंने कहा कि उद्योगों में काम करने वाले कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समय-समय पर उद्योगों का निरीक्षण करते हैं। श्री नरवाल ने बताया कि उद्योगों में कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उद्यमियों को कुछ बिन्दु दिए हुए हैं, जिन पर अमल करना उनके लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि मानेसर में ऐसे उद्योग काफी हैं, जिनमें ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग होता है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्यशाला यहां आयोजित करवाई गई है, ताकि उद्यमियों और कामगारों दोनों को इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि आज की कार्यशाला में उद्यमियों ने जो कठिनाईयां बताई हैं, उनका समाधान ढूंढने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में उद्योगों को सफलतापूर्वक चलाने के लिए कॉरपोरेट तथा सरकारी, दोनों तरह की विचार धाराओं में सांमजस्य बैठाना जरूरी है।
औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक अनुराग गहलावत ने बिल्डिंग प्लान तथा फैक्टरी एक्ट के तहत प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। श्रम विभाग के चंडीगढ़ से विशेष रूप से पधारे एम एस मान ने ऑनलाईन आवेदन की प्रक्रिया को समझाया और बताया कि hrylabour.gov.in पर ऑनलाईन आवेदन किया जा सकता है।