चंबा - विश्वप्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा की हड़सर से डल झील के तेरह किलोमीटर लंबे जोखिम भरे पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवानों के अलावा रेस्क्यू टीमें तैनात रहेंगी। सुरक्षा के लिहाजा से सेक्टरों में बंटे मार्ग के संवेदनशील हिस्सों पर मौजूद पुलिस व रेस्क्यू टीमों के सदस्य किसी भी तरह की प्राकृतिक आपदा या हादसे पर तुरंत हरकत में आते हुए जानमाल की हिफाजत के लिए युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य में जुट जाएंगे। इस वर्ष मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स की डिमांड भी की है।
जानकारी के अनुसार हड़सर से डल झील के मार्ग के मुख्य प्वाइंटों पर पुलिस का पहरा बिठाया जा रहा है। इस मार्ग पर जवानों की तैनाती के अलावा धनछोह, सुंदरासी, गौरीकुंड व डल झील में कंट्रोल रूम अलग से स्थापित किए जा रहे हैं। इस मर्तबा डल झील के मुख्य एंट्री प्वाइंट के अलावा चारों ओर पुलिस का घेरा रहेगा। पुलिस जवान श्रद्धालुओं को सुरक्षा प्रदान करने के अलावा संवेदनशील हिस्से से गुजरने के दौरान बरती जाने वाली एहतियातों के बारे में गाइड भी करेंगें। पहली सितंबर से इस मार्ग पर पुलिस के जवान मोर्चा संभाल लेंगें। पुलिस के अलावा उपमंडलीय प्रशासन ने भी इस मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए विभिन्न सेक्टरों में रेस्क्यू टीमों की तैनाती सुनिश्चित की है।
इस कार्य योजना के तहत मार्ग के विभिन्न सेक्टरों में पर्वतारोहण संस्थान केंद्र भरमौर और शिव भूमि सेवा दल खड़ामुख के तीस-तीस सदस्य अपनी सेवाएं देंगे। इस मर्तबा मौसम के बिगड़ैल रुख को शाही स्नान के ठंडा होने के कारण प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एहतियाती तौर पर कडे बंदोबस्त किए हैं। बीर बहादुर, डीएसपी हैडक्वार्टर चंबा ने कहा कि मणिमहेश के छोटे व बडे न्हौण के दौरान हड़सर से डल झील तक पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। सुरक्षा बंदोबस्त को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त फोर्स की डिमांड भी भेजी गई है। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने हेतु हडसर में लंगर लगाने की इजाजत न देने का आग्रह भी किया है।
लंगर प्लाटों की नीलामी रोकीचंबा विश्व प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान लंगर समितियों को नीलामी के जरिए प्लाट आबंटित करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है। बारिश के लगातार रहने से लंगर प्लाटों की डिमार्केशन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण प्लाटों का नीलामी मूल्य निर्धारण न होने से अब समितियों को दस हजार रुपए की नो रिफंडएबल फीस के एवज में प्लाट मुहैया करवाए जाएंगे । लंगर समितियों के लिए अन्य निर्धारित नियम व शर्ते यथावत रहेगीं। डीसी चंबा एम सुधा देवी ने खबर की पुष्टि की है।