कुल्लू - गुरु कृपा हासिल करने मणिकर्ण साहिब पहुंचे पंजाब के श्रद्धालुओं के साथ मंगलवार को फिर अमंगल हो गया। मंगलवार दोपहर करीब एक बजकर 50 मिनट पर मणिकर्ण साहिब पर गिरी विशालकाय चट्टान ने पंजाब से आए सात लोगों की जिंदगी को लील लिया, वहीं हादसे में 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दो घायलों को जोनल अस्पताल कुल्लू में प्राथमिक उपचार देने के बाद पीजीआई रैफर किया गया है। हादसे के समय सराय में 32 के करीब लोग थे, जिनमें से एक दर्जन से ज्यादा लोगों के लापता होने की आशंका है। मणिकर्ण साहिब में चट्टान गिरने की सूचना पाकर जिला प्रशासन भी एकदम से मौके पर पहुंच गया।
एडीएम कुल्लू विनय सिंह ने कहा कि पहाड़ी से जो विशालाकाय चट्टान मणिकर्ण साहिब की सराय को बीचोंबीच से चीरते हुए सीधे पार्वती नदी में समाई है, जिसके चलते चट्टान के साथ कुछ लोगों के भी पार्वती में जाने की आशंका है। गुरुद्वारा कमेटी को सराय के अंदर रह रहे लोगों की लिस्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लापता लोगों का पता चल सके। पंजाब के फिरोजपुर और संगरूर के अभागे लोगों के साथ घटी इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों को भी इसकी सूचना दे दी गई है। जानकारी के अनुसार फिरोजपुर और संगरूर के लोग मणिकर्ण साहिब में माथा टेकने के बाद दोपहर का खाना खाकर आराम कर रहे थे। दोपहर बाद वे सभी अभागे घर जाने वाले थे कि यह अनहोनी हो गई। चट्टान गिरने से छह मंजिला सराय के 11 कमरे पूरी तरह से तबाह हो गए हैं, जबकि बाकियों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
उधर, एडीएम कुल्लू विनय सिंह का कहना है कि गुरुद्वारा से लिस्ट मिलने के बाद ही बुधवार को सुबह लापता लोगों को ढूंढने के लिए बचाव अभियान छेड़ा जाएगा। उधर, मंगलवार को मणिकर्ण साहिब की सराय पर गिरी विशालकाय चट्टान ने लोगों के सेब के बागीचों को भी तबाह कर दिया है। चट्टानों ने मणिकर्ण साहिब की छह मंजिला सराय के साथ-साथ मणिकर्ण के स्थानीय निवासी विनोद शर्मा के गेस्ट हाउस, चंदे राम की गोशाला व विक्रम चंद के मकान को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चट्टान करीब एक किलोमीटर के ऊपर पहाड़ से आई थी, जिससे उसकी गति भी काफी ज्यादा थी। इस वजह से पलक झपकते ही शांति भरा माहौल अफरा-तफरी में बदल गया।