हमीरपुर - हिमाचल के दो शहरों में सोलर सिटी बनाने के प्रस्ताव में शिमला को सौगात तथा हमीरपुर को जोर का झटका मिला है। राज्य सरकार से भेजे गए प्रस्ताव के तहत शिमला को सोलर सिटी मंजूर कर दी गई है। इसके विपरीत हमीरपुर का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। सोलर सिटी के तहत हमीरपुर में एक करोड़ का प्रोजेक्ट मिलना था। इसमें स्ट्रीट लाइट, गीजर तथा सोलर कुक्कर आबंटित होने थे। उधर शिमला सोलर सिटी के लिए केंद्र से धनवर्षा शुरू हो गई है। इस कड़ी में राजधानी के स्लम एरिया में गरीबों के लिए 1790 मुफ्त घरेलू स्ट्रीट लाइट्स स्थापित करने को फंड जारी हो गया है।
20 किलोवाट का प्लांट रिज मैदान तथा 15 किलोवाट का पंचायत भवन में स्थापित होगा। बीस किलोवाट का सोलर पावर प्लांट पुराने बस अड्डे में लगेगा। इसके लिए केंद्र से अनुमति मिल गई है। बताते चलें कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश के दो शहरों शिमला तथा हमीरपुर को सोलर सिटी के लिए चुना है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शिमला को पहले ही पांच करोड़ की सौगात मिल चुकी है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने हमीरपुर में प्रस्तावित सोलर सिटी की डीपीआर मंजूर कर दी थी, लेकिन आगे की कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी है। दो साल से लालफीताशाही का शिकार सोलर सिटी हमीरपुर का प्रस्ताव अब खटाई में डाल दिया है। हालांकि इस पर राज्य ने केंद्रीय मंत्रालय को कई बार आग्रह पत्र भेजे हैं।
सोलर सिटी के तहत पूरे शहर में 300 से ज्यादा सोलर लाइट्स स्थापित की जानी थीं। हमीरपुर शहर को सोलर सिटी बनाने का मास्टर प्लान हैदराबाद की एपिटको कंपनी ने तैयार किया था। इसी तर्ज पर शिमला के लिए स्वीकृत हुई सोलर सिटी की टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इस आधार पर अब पूरे रिज मैदान में 20 किलोवाट की दूधिया रोशनी होगी। पुराना बस अड्डा स्थित एचआरटीसी के एमडी कार्यालय से लेकर इस पूरे परिसर में भी 20 किलोवाट सोलर प्लांट के टेंडर खोले गए हैं। इसी के साथ 15 किलोवाट से जोड़े गए पंचायत भवन के बाद अब शिमला शहर में रात भर सोलर लाइट का उजाला रहेगा।