शिमला - हिमाचल प्रदेश में 69वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह राजधानी शिमला में आयोजित किया गया। । राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स तथा एनएसएस के स्वयंसेवियों द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट की सलामी ली। कांगड़ा जिला की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने परेड की अगवाई की।
समारोह के दौरान प्रदेश के विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर वीरभद्र सिंह ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश अपने गठन के बाद से ही तेजी के साथ विकास एवं खुशहाली की राह पर आगे बढ़ा है। यह पहाड़ी राज्य देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की ओर अग्रसर है, जिसके लिए हमें अभी और कई मील पत्थर स्थापित करने हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग का कल्याण सुनिश्चित बनाया है और सभी क्षेत्रों का समान एवं संतुलित विकास किया गया है। शिक्षा क्षेत्र को सर्वोंच्च प्राथमिकता दी गई है । पिछले अढ़ाई सालों में 750 से अधिक नए स्कूल खोले अथवा स्तरोन्नत तथा 22 नए कालेज भी खोले गए हैं।
ऊना में 122 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान और सिरमौर जिला में भारतीय प्रबंधन संस्थान खोले जा रहे हैं। होनहार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार राजीव गांधी डिजिटल योजना के अंतर्गत 10वीं व 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप व नेटबुक्स प्रदान कर रही है। इस वर्ष ऐसे 10 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास के लिए 500 करोड़ रुपए की कौशल विकास योजना कार्यान्वित की जा रही है। सरकार ने अपने इस कार्यकाल के दौरान 1275 नई सडक़ें ओर 120 पुलों का निर्माण करवाया तथा 232 गांवों को सडक़ सुविधा से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में यातायात समस्या के समाधान के लिए बहुमंजिला पार्किंगों का निर्माण किया जा रहा है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए 10.50 करोड़ रुपए की लागत से टुटीकंडी बस स्टैंड से रानी झांसी पार्क तक रज्जु मार्ग परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में मल निकास सुविधा से वंचित शहरों को यह सुविधा प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने 170 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।